There should be adequate stock of iron, folic acid, calcium and other medicines in hospitals for pregnant women
हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के सेहत की लगातार करें मॉनिटरिंग: कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी
अस्पताल आने वाले मरीजों के बीपी शुगर की जांच और नियमित फॉलोअप की हो व्यवस्था
टेली मेडिसिन की दूर-दराज के अधिकाधिक लोगों को मिले लाभ
मौसमी और मच्छर जनित बीमारियों से बचाव और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अमला अलर्ट रहकर करें काम
कलेक्टर चतुर्वेदी ने ली स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक
रायगढ़ / स्वास्थ्य विभाग शासन-प्रशासन की सबसे अहम जिम्मेदारी संभालता है। लोक स्वास्थ्य की दृष्टि से जरूरी सुविधाओं को उपलब्ध कराने का काम विभाग के जिम्मे है। ग्रास रूट स्तर तक सबसे ज्यादा पहुंच है, सभी जरूरी साधन उपलब्ध कराए गए हैं, ऐसे में विभागीय अधिकारी कर्मचारियों का यह दायित्व बनता है कि अपनी जिम्मेदारियों को कुशलता से निभाएं, जिससे आमजन तक स्वास्थ्य सेवाओं की सुलभ पहुंच हो। यह बातें कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिले के स्वास्थ्य अधिकारियों की बैठक में कही। इस दौरान सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव और सहायक कलेक्टर श्री अक्षय डोसी भी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की विशेषज्ञ चिकित्सकों से हर तिमाही अनिवार्य जांच के बार में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि ऐसी सभी महिलाओं को चिन्हित करते हुए सोनोग्राफी, हीमोग्लोबिन, ब्लड प्रेशर सहित अन्य सारी जरूरी स्वास्थ्य जांच हो। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के प्रसव की संभावित तिथि की जानकारी उस ब्लॉक के बीएमओ से लेकर गांव की मितानिन तक होनी चाहिए। हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की रोजाना कॉल कर हेल्थ अपडेट और खान पान की जानकारी ली जाए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं को आयरन फोलिक एसिड और कैल्शियम के वितरण हेतु सभी अस्पतालों में दवा का पर्याप्त स्टॉक रखने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को निर्देशित किया। इसके साथ ही उन्होंने सिकल सेल की भी नियमित रूप से जांच के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने बैठक में स्वास्थ्य विभाग की सभी प्रमुख योजनाओं की समीक्षा की और इन योजनाओं के क्रियान्वयन के अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने नॉन कम्युनिकेबल डिसीस के अंतर्गत अस्पतालों में आने मरीजों के बीपी और शुगर के अनिवार्य जांच के बारे में सभी बीएमओ से जानकारी ली। अस्पतालों में मरीजों के जांच के बाद जो व्यक्ति इन समस्याओं से पीडि़त पाए जाते हैं उनके नियमित फॉलो अप नहीं पाए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों की लगातार मॉनिटरिंग की आवश्यकता है। अस्पताल में आने वाले मरीजों के साथ आउटरीच शिविरों और कार्यक्रमों के तहत चिन्हित बीपी शुगर के मरीजों की नियमित जांच कर उन्हें दवा दिया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके लिए इन सभी की जानकारी दर्ज कर फॉलोअप का शेड्यूल बनाएं और फील्ड लेवल स्टाफ को भी इसके लिए अलर्ट करें। इससे इन मरीजों के आगे दूसरी बीमारियों के चपेट में आने का रिस्क कम होगा।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने मौसमी बीमारियों के रोकथाम के लिए विभागीय तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने डेंगू से बचाव के लिए नगरीय निकायों को टेमीफॉस उपलब्ध कराने और उनके साथ समन्वय से काम करने के निर्देश दिए। इसके अलावा अन्य मौसमी बीमारियों से बचाव और रोकथाम के लिए स्वास्थ्य अमले को अलर्ट रहकर काम करने के निर्देश दिए। फील्ड लेवल पर सभी हेल्थ स्टाफ की समय पर अपने कार्यस्थल पर उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए कहा।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने बैठक में संस्थागत प्रसव, शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत टीकाकरण की प्रगति, क्षय नियंत्रण कार्यक्रम, आयुष्मान भारत योजनाओं की समीक्षा भी बैठक में की। इस दौरान सीएमएचओ डॉ.अनिल जगत, डीपीएम सुश्री रंजना पैंकरा सहित स्वास्थ्य विभाग के सभी बीएमओ व बीपीएम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
टेली मेडिसिन से इलाज की दूर-दराज के मरीजों को मिले सुविधा
बैठक में कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने टेली मेडिसिन से उपचार के बारे में विस्तार से जानकारी ली। बताया गया कि इसके लिए 5 ब्लॉक के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिन्हांकित किए गए हैं। यहां एचडी कैमरे और स्क्रीन इंस्टाल लगाए गए हैं। डॉक्टरों की ऑनलाइन आईडी बनाकर रोस्टर तैयार कर टेली मेडिसिन की शुरुआत कर दी गई है। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने स्वास्थ्य अधिकारियों से कहा कि दूर दराज के अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले।



