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जांजगीर-चांपा में पाम ऑयल खेती पर विशेष प्रशिक्षण सम्पन्न: किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में अहम पहल

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Special training on palm oil farming completed in Janjgir-Champa: An important initiative towards increasing the income of farmers

जांजगीर-चांपा.।जलवायु अनुकूलता और दीर्घकालिक मुनाफे की दृष्टि से पाम ऑयल खेती अब पारंपरिक कृषि विकल्पों का व्यवहारिक और लाभकारी विकल्प बनती जा रही है। इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के पुटपुरा में उद्यानिकी विभाग द्वारा एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण का आयोजन किया गया, जिसका उद्देश्य न सिर्फ अधिकारियों को पाम ऑयल की वैज्ञानिक खेती से अवगत कराना था, बल्कि जिले में इस फसल को बढ़ावा देकर किसानों की आय में चार गुना वृद्धि सुनिश्चित करना भी था।

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10 जुलाई 2025 | जांजगीर-चांपा जिले के पुटपुरा स्थित उद्यान प्रशिक्षण हॉल में दिनांक 10 जुलाई 2025 को उद्यानिकी विभाग, जांजगीर-चांपा द्वारा एक दिवसीय तकनीकी प्रशिक्षण सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सहायक संचालक उद्यानिकी श्रीमती रंजना माखीजा के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें विभागीय अधिकारियों, एक्सटेंशन ऑफिसर्स और कृषि से जुड़े विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

(पाम ऑयल) की खेती पर केंद्रित रहा प्रशिक्षण

प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य जिले में पाम ऑयल की वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा देना और अधिकारियों को इसके तकनीकी पहलुओं से अवगत कराना था।
इस अवसर पर कृषि विज्ञान केंद्र, जांजगीर-चांपा के वरिष्ठ वैज्ञानिक और प्रमुख डॉ. राजीव दीक्षित ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया।

प्रशिक्षण के मास्टर ट्रेनर के रूप में श्री सुभाष जेना, वरिष्ठ विकास अधिकारी, गोदरेज एग्रोवेट लिमिटेड, ओडिशा ने पाम ऑयल की खेती की पूरी प्रक्रिया — प्लांटेशन से लेकर हार्वेस्ट तक को विस्तारपूर्वक समझाया।

किसानों के लिए लाभकारी फसल: पारंपरिक तिलहन से 4 गुना अधिक मुनाफा

श्री जेना ने बताया कि पाम ऑयल एक दीर्घकालिक और अत्यधिक लाभकारी फसल है, जिससे किसानों को पारंपरिक तिलहन फसलों की तुलना में चार गुना तक अधिक आमदनी हो सकती है। यह खेती कम लागत, स्थिर बाजार और लंबी अवधि तक उत्पादन की वजह से किसानों के लिए लाभ का सौदा बन सकती है।

विशिष्ट प्रतिनिधियों की सहभागिता

प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए:
• श्री जे. बसवराज, सीईओ – रेस्टोरेशन फ़ाउंडेशन
• श्री मनोरंजन एलकाना, सेवानिवृत्त निदेशक – एसबीआई आरसेटी
• श्री वैभव कुमार, निदेशक – पाम ऑयल परियोजना

पुटपुरा नर्सरी में तैयार किया गया डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट

पाम ऑयल खेती के प्रचार-प्रसार को लेकर पुटपुरा नर्सरी में एक डेमोंस्ट्रेशन प्लॉट भी तैयार किया गया है, ताकि भ्रमण पर आने वाले किसान और अन्य लोग प्रत्यक्ष रूप से इसकी खेती की तकनीकों को समझ सकें। यह कार्य भी श्री सुभाष जेना के मार्गदर्शन में किया गया।

किसान के खेत में हुआ पौधरोपण

प्रशिक्षण के पश्चात स्थानीय कृषक श्री राम बाबू के खेत में ऑयलपाल्म का पौधरोपण भी किया गया। इस दौरान श्री सुभाष जेना स्वयं मौजूद रहे और उन्होंने तकनीकी सलाह दी।

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