Agriculture department suggested to use Nano DAP
उत्तर बस्तर कांकेर 15 जुलाई 2025/ कृषि विभाग जिला कांकेर ने डीएपी खाद की कमी को देखते हुए जिले के किसानों को वैकल्पिक खाद के रूप में उपयोग करने हेतु नैनो डीएपी की समसामयिक सलाह दी है।
उप संचालक कृषि ने बताया कि नैनो डीएपी को भारत सरकार द्वारा मार्च, 2023 को इफको (1985) के अन्तर्गत अधिसूचित किया गया है। इसमें नाइट्रोजन 8.0%/N तथा फॉस्फोरस 16.0 % P2O5 निहित है। उन्होंने बताया कि नैनो डीएपी से बीज, जड़, कंद उपचार करने के बाद फसल की क्रांतिक अवस्थाओं पर आवश्यकतानुसार एक, दो वर्षीय छिड़काव करने से परम्परागत डीएपी के प्रयोग में 50 से 75 प्रतिशत तक की कटौती की जा सकती है।
उप संचालक कृषि ने जानकारी दी है कि इसके प्रयोग दर, समय एवं विधि बीजोपचार नैनो डीएपी बोतल के एक ढक्कन की मात्रा 25 मि.ली., बीजोपचार हेतु 5 मि.ली. नैनो की मात्रा का प्रयोग प्रति किलो बीज की दर से करें। बीज पर एक समान रूप से घोल की परत बनाने के लिए उसमें आवश्यकतानुसार पानी मिलाए। 20-30 मिनट तक उपचारित बीजों को छांव में सुखाने के उपरांत बोआई करें।
जड़ उपचार-
उपसंचालक कृषि ने तकनीकी जानकारी देते हुए बताया कि नैनो डीएपी की 50 मिली मात्रा का 10 लीटर पानी में घोल बनाए एवं पौधे की जड़ों, कंद को 15-20 मिनट तक डुबाकर रखें, उसके पश्चात् रोपाई करें।
पर्णीय छिड़काव-
30-35 दिन की अवस्था में 4 मि.ली. नैनो डीएपी प्रति लीटर पानी की दर से छिड़काव किया जाता है। एक एकड़ क्षेत्र हेतु 125 लीटर पानी आवश्यक है। बेहतर परिणाम हेतु पौधों पर पत्तियां अच्छी मात्रा में आने पर ही पहला छिड़काव करें एवं फास्फोरस की अधिक आवश्यकता वाली फसलों में फूल निकलने के पहले या शाखा बनाने की अवस्था में दूसरा छिड़काव करने की अपील की है।



