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कलेक्टर के आवेदन पर चालीस दिन में समाधान का अता-पता नहीं, तो जनता के सुशासन में दिये आवेदन पर समाधान का आस लगाना बेमानी

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If there is no solution to the Collector’s application within forty days, then it is meaningless to expect a solution to the application submitted by the public for good governance.

बीईओ की दबंगई से प्रशासन हताश

Ro.No - 13672/156

छुरा / आदिवासी विकास खण्ड छुरा के ब्लाक शिक्षा अधिकारी किशुन मतावले द्वारा छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के पत्र क्रमांक एफ 2-24/2024/20-तीन नवा रायपुर अटल नगर 28-04-025 मंत्रालय महानदी के युक्तियुक्तकरण पर घोर लापरवाही पूर्वक मनमाने ढंग से जिला समिति को बार बार भ्रामक ग़लत जानकारी देने के कारण बार बार काउंसलिंग की तिथि एवं आदेश में संशोधन करने के साथ पेन्ड्रा हाई स्कूल में वाणिज्य विषय संचालित है लेकिन बीईओ द्वारा जिला कार्यालय को वाणिज्य विषय संचालित नहीं होने की जानकारी दी गई। गरियाबंद कलेक्टर ने अपने ‌पत्र क्रमांक 3869/स्थापना/ युक्तियुक्तकरण/2025/गरियाबंद/ दिनांक 06/06/025 में सचिव छत्तीसगढ़ शासन स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय महानदी भवन नया रायपुर को चार बिंदु में ब्लाक शिक्षा अधिकारी किशुन मतावले के लापरवाही पूर्वक युक्तियुक्तकरण कार्य में जिला समिति को काउंसलिंग में हुये परेशानी , एवं युक्तियुक्तकरण कार्य में मनमाने ढंग से लीपापोती करने , शासन के नियमों निर्देश का अवहेलना करना

बीईओ द्वारा किए कृत्य को कलेक्टर ने सिविल सेवा आचरण अधिनियम के विरुद्ध पाया । कलेक्टर गरियाबंद ने सचिव स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय रायपुर को
प्रेषित प्रस्ताव में कठोर अनुशासनात्मक,निंलम्बन, विभागीय जांच की सिफारिश किया गया, आज चालीस दिन बाद भी कलेक्टर का प्रस्ताव मंत्रालय में कहां खो गया ? जब कलेक्टर जैसे का शासकीय कागज चालीस दिन में असर नहीं दिखा पाया तो आम जनता का आवेदन का क्या होता होगा ।
सुशासन तिहार में मिले आवेदनों का हाल इसी तरह है जिस तरह सचिव स्कूल शिक्षा विभाग मंत्रालय को कलेक्टर गरियाबंद का लिखा पत्र..?
बीईओ किशुन मतावले
अपने कार से प्रति दिन की तरह शाम को महासमुंद निवास जा रहा था ‌ इसी बीच स्कुटी सवार भाई बहन को टक्कर मार दिया स्कुटी सवार भाई बहन घायल हो गए, घटना स्थल पर पुलिस बल पहुंच कर बीईओ के निजी कार एवं स्कुटी को थाना में ‌लाकर दो दिन तक रखा रहा । कार का इंश्योरेंस जुलाई 2024 में समाप्त हो गया, शासकीय अस्पताल से थाना को सूचना दी गई कि एक्सिडेंटल मरीज़ का इलाज किया जा रहा है पुलिस शासकीय अस्पताल तीन घण्टे तक नहीं पहुंची । दोनों घायल भाई बहन को बीईओ ने प्राइवेट इलाज कराने के लिए निजी अस्पताल ले गया पुलिस प्राथमिकी दर्ज नहीं किया बीईओ दो दिन बाद थाना से अपने कार को टोचन कर अन्य वाहन से रायपुर शो रुम ले‌ गया । बीईओ का डाक्टरी मुलाहिजा भी नहीं कराया गया । ब्लाक शिक्षा अधिकारी किशुन मतावले अपने ब्लाक मुख्यालय छुरा में निवास नहीं करते महासमुंद तुम गांव में निवास करते हैं विगत सात बरस से महासमुंद जिला से आना जाना करते हैं , मुख्यालय छोड़ने की अनुमति विभागीय जिला कार्यालय से कभी नहीं लेते । विभाग से मकान भत्ता का क्या लाभ लिया जाता है इसकी जांच होनी चाहिए। ब्लाक शिक्षा अधिकारी किशुन मतावले के प्राचार्य सजापाली के कार्यकाल का जांच होने से भारी भ्रष्टाचार उजागर होगा ।

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