Home Blog पीएम धन-धान्य कृषि योजना: किसानों के लिए 24,000 करोड़ का तोहफा

पीएम धन-धान्य कृषि योजना: किसानों के लिए 24,000 करोड़ का तोहफा

0

मोदी सरकार ने पीएम धन-धान्य कृषि योजना (PMDDKY) को मंजूरी दे दी है, जिसके तहत हर साल 24,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। यह एक 6 साल का कार्यक्रम है जिसका लक्ष्य कृषि जिलों का समग्र विकास करना है।

योजना की मुख्य बातें:

Ro.No - 13672/156
  • 100 जिलों का चयन: देश के 100 जिलों को कृषि जिलों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसमें प्रत्येक राज्य से कम से कम एक ऐसा जिला शामिल होगा जो कृषि के पैमाने पर पीछे है।
  • 36 केंद्रीय योजनाओं का समन्वय: इस योजना के तहत 11 मंत्रालयों की 36 मौजूदा केंद्रीय योजनाओं को एकीकृत और समन्वित तरीके से लागू किया जाएगा। यह बागवानी, कृषि और अन्य संबंधित योजनाओं को एक साथ लाएगी।

 

उद्देश्य:

  • फसल कटाई के बाद भंडारण क्षमता बढ़ाना।
  • सिंचाई सुविधाओं में सुधार करना।
  • कृषि उत्पादकता में बढ़ोतरी करना।
  • किसानों के लिए क्रेडिट की उपलब्धता बढ़ाना।
  • फसल विविधीकरण और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देना।

लाभार्थी: इस कार्यक्रम से 1.7 करोड़ किसानों को मदद मिलने की उम्मीद है।

निगरानी: चयनित 100 जिलों में जिला, ब्लॉक और राज्य स्तर पर निरंतर निगरानी की जाएगी।


 

ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा: 27,000 करोड़ का निवेश

 

सरकार ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र को भी मजबूत करने के लिए 27,000 करोड़ रुपये के निवेश को मंजूरी दी है।

  • एनटीपीसी को 20,000 करोड़ रुपये: एनटीपीसी लिमिटेड को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में 20,000 करोड़ रुपये तक के निवेश की अनुमति दी गई है। यह निवेश एनटीपीसी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (NGEL) और इसकी सहायक कंपनियों तथा संयुक्त उद्यमों के माध्यम से किया जाएगा। इसका लक्ष्य 2032 तक 60 गीगावाट नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता हासिल करना है।
  • एनएलसी इंडिया लिमिटेड को 7,000 करोड़ रुपये: एनएलसी इंडिया लिमिटेड (NLCIL) को भी अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी NLC इंडिया रिन्यूएबल्स लिमिटेड (NIRL) के जरिए नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में 7,000 करोड़ रुपये के निवेश की विशेष छूट मिली है। इससे कंपनी को संचालन और वित्तीय लचीलापन मिलेगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here