नॉर्थ मुंबई में कार चालकों को डरा-धमकाकर पैसे ऐंठने वाले एक अनोखे गिरोह का दहिसर क्राइम ब्रांच ने पर्दाफाश किया है। यह गिरोह सिग्नलों और स्पीड ब्रेकरों पर धीमी हुई कारों के शीशे पर जानबूझकर हाथ मारकर खुद को चोटिल दिखाता था, और फिर चालकों से पैसे वसूलता था। इस मामले में दहिसर क्राइम ब्रांच यूनिट 12 ने एक आरोपी विपुल गायकवाड को गिरफ्तार किया है।
कैसे देते थे वारदात को अंजाम?
पुलिस के अनुसार, आरोपी विपुल गायकवाड अक्सर स्पीड ब्रेकर या सिग्नल वाली जगहों को चुनता था, जहां गाड़ियां धीमी हो जाती थीं। जैसे ही कोई कार धीमी होती, वह अचानक गाड़ी के शीशे पर हाथ मारकर चालक को धमकाता और आरोप लगाता कि उसने जानबूझकर उसे चोट पहुंचाई है।
- जबरन घुसने की कोशिश: यदि कोई चालक कार की खिड़की खोलकर देखने की कोशिश करता, तो विपुल अपना हाथ खिड़की में फंसाकर जबरन कार में घुसने की कोशिश करता था।
- लूटपाट और धमकी: कार में घुसते ही वह चालक का पर्स या मोबाइल छीन लेता और उसे अस्पताल ले जाने की बात कहने लगता। विरोध करने पर वह चालक को पुलिस स्टेशन में केस दर्ज कराने की धमकी देता था।
- पैसा ऐंठना: लोग डरकर मामले से छुटकारा पाने के लिए तैयार हो जाते थे, जिसका फायदा उठाकर विपुल मुंहमांगी रकम ऐंठता और फरार हो जाता था।
FIR के डर से वसूले ₹25,000 तक
क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में पता चला है कि विपुल ने कई चालकों से ₹13,500 तक नकद वसूले हैं। कैश न होने पर वह ऑनलाइन भुगतान भी ले लेता था। कांदिवली लोखंडवाला एसोसिएशन से जुड़े नितिन झा ने बताया कि गिरोह के शिकार बने कुछ लोगों ने FIR के डर से ₹25,000 तक की रकम दी है।
पुलिस ने ऐसे किया खुलासा
दहिसर क्राइम ब्रांच यूनिट 12 के सीनियर पीआई सचिन गवस के निर्देश पर एपीआई विजय रासकर की टीम ने इस मामले में जाल बिछाया। सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की मदद से आरोपी विपुल गायकवाड को गिरफ्तार किया गया। जोन 12 के डीसीपी महेश चिमटे ने बताया कि 14 जुलाई को एनबीटी (नवभारत टाइम्स) में इस गिरोह के बारे में खबर छपने के बाद पुलिस सक्रिय हुई।
समता नगर पुलिस के सीनियर पीआई जयवंत पाटील की टीम ने भी इस केस की छानबीन की। पाटील ने बताया कि विपुल के खिलाफ एमएचबी और दहिसर में भी पहले से केस दर्ज हैं, जिससे पता चलता है कि वह आदतन अपराधी है। मुंबई पुलिस और लोखंडवाला निवासियों की सतर्कता से आकुर्ली रोड पर पैसा वसूलने वाला यह आरोपी पकड़ा गया।
सचिन गवस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को आगे की जांच के लिए समता नगर पुलिस को सौंप दिया गया है। इस कार्रवाई से मुंबई में ऐसे धोखेबाजों पर लगाम लगने की उम्मीद है।



