Strict instructions given in the review meeting of agriculture, horticulture, livestock and fisheries departments
जिले में योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करें-कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी
कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बधियाकरण कार्य में धीमी प्रगति पर उपसंचालक पशुधन को नोटिस जारी
रायगढ़ / कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने आज कलेक्टर चेंबर में कृषि, उद्यानिकी, पशुधन एवं मछली पालन विभागों की समीक्षा बैठक लेकर विभागीय योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही और धीमी प्रगति को लेकर नाराजगी जताते हुए संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, बधियाकरण, पशु उपचार, औषधि वितरण और मोबाइल वेटरनरी यूनिट जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री जितेन्द्र यादव, सहायक कलेक्टर श्री अक्षय डोसी उपस्थित रहे।
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने इन कार्यों में लक्ष्यों के विरुद्ध अत्यंत कम उपलब्धि पर गहरी नाराजगी जताते हुए कार्य में रुचि नहीं लेने पर उपसंचालक पशुधन विकास विभाग और मैदानी अमलों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने रोस्टर बनाकर अधिकारियों को मैदान में जाकर निरीक्षण करने और कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने पशुधन विकास विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि शासन से प्राप्त लक्ष्यों की पूर्ति के लिए सभी अधिकारी पूर्ण गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि टीकाकरण, बधियाकरण और कृत्रिम गर्भाधान जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में अपेक्षित प्रगति लाते हुए निर्धारित लक्ष्य समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं। कलेक्टर ने मैदानी अमले की नियमित समीक्षा करने और कार्य के प्रति उदासीनता बरतने वाले कर्मचारियों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ऑयल पाम और पौधारोपण अभियान में गति लाने के निर्देश
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने राष्ट्रीय बागवानी मिशन अंतर्गत पौधारोपण अभियान की समीक्षा करते हुए ऑयल पाम के लिए चिन्हांकित रकबे की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिकाधिक किसानों को इस कार्य से जोड़कर उनकी आयवृद्धि सुनिश्चित की जाए। कलेक्टर ने मछली पालन विभाग को कैच कल्चर हेतु प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश देते हुए कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर अधिक से अधिक किसानों को सहकारी समितियों से जोड़ा जाए। उन्होंने केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) के तहत अधिक प्रकरण स्वीकृत कराकर मछली पालको को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने पर जोर दिया। उन्होंने जिले में तालाबों के पट्टे समूहों को दिए जाने, कुल मत्स्य प्रक्षेत्र और उत्पादन लक्ष्य की जानकारी भी ली।
धान के स्थान पर अन्य वैकल्पिक फसलों के लिए किसानों को करें प्रोत्साहित
कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान फसल क्षेत्राच्छादन, बीज एवं उर्वरक की उपलब्धता, भंडारण व वितरण, पीएम फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, नेचुरल फार्मिंग, स्वॉइल हेल्थ कार्ड और कृषक पंजीयन की प्रगति पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने धान के स्थान पर मक्का, दलहन, तिलहन और अन्य वैकल्पिक फसलों के लिए प्रोत्साहन योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और किसानों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। साथ ही कलेक्टर ने उर्वरक विक्रेताओं की अनियमितताओं पर की गई कार्रवाई की समीक्षा की और आगे भी अनियमितता बरतने वाले उर्वरक विक्रेताओं पर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों को खाद-बीज की समस्या नहीं होना चाहिए। समितियों में पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में कृषि, उद्यानिकी, पशुधन एवं मछली पालन विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।



