कांकेर। जिले के नरहरहपुर तहसील अंतर्गत संचालित स्कूल शास, प्राथमिक शाला कन्या का स्कूल नरहरपुर का जर्जर हो गया है। छत से पानी टपकता है, दीवारें सीलन और दरारों से भरी हुई हैं और साफ-सफाई का नामो निशान नहीं है। ऐसे में इस स्कूल में आने वाले छात्र को हर रोज असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।
शास, प्राथमिक शाला कन्या विद्यालय स्कूल, नरहरपुर विकासखंड नरहरपुर के अंतर्गत कई गांव से दूर-दूर से आते जाते हैं बच्चे लोग पढ़ते हैं वहां की आधिकारिक कर्मचारी मौन है
गांव वालों का कहना है कि वर्षों से स्कूल की मरम्मत नहीं कराई गई है।
छत का न तो मरम्मत किया गया भाजपा शासन काल में लाखों रुपए प्रवेश उत्सव के विकासखंड नरहरपुर में आया था वह कागजी कार्रवाई कागज में ही प्रवेश उत्सव उत्सव मनाया गया है और वहां के के खंड शिक्षा अधिकारी के के साहू मात्र लीपा पोती में लगे हुए है,ग्रामीण ने स्थानीय, खंड शिक्षा अधिकारी के के साहू शिक्षा अधिकारी विभाग, के अधिकारियों से आग्रह किया है कि वे मौके का निरीक्षण करें और जर्जर स्कूल की मरम्मत के लिए बजट और योजना तत्काल स्वीकृत कराएं
उदासीनता से नाराज छात्रो का कहना है कि वे कई बार स्कूल, हेडमास्टर श्रीमती उर्मिला मर्सकोले को इस समस्या से अवगत करा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग किया है कि जल्द से जल्द इस स्कूल, की मरम्मत कर नई सुविधाओं से युक्त किया जाए, ताकि बच्चों सम्मानपूर्वक और सुरक्षित वातावरण में अपने कार्य संपन्न कर सकें।
छत से पानी टपकने के चलते बड़े हादसा का खतरा बना हुआ है
बारिश के मौसम में छत से पानी टपकने लगता है, जिससे छत पूरी तरह भर जाता है। इससे न केवल बच्चों के बुक, और काफी खराब होते हैं, बल्कि छत में पानी भरने की वजह से दुर्घटना का भी खतरा बना रहता है। पढ़ने वाले छात्राओं, और दूर-दराज से आने वाले छात्रों स्थिति में असहज महसूस करते हैं।



