कर्नाटक: रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और कर्नाटक राज्य क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) की मुश्किलें अब और बढ़ने वाली हैं। कर्नाटक सरकार ने 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी क्रिकेट स्टेडियम के बाहर हुई भगदड़ के मामले में RCB और KSCA के खिलाफ आपराधिक मामले दायर करने की मंजूरी दे दी है। यह फैसला मुख्यमंत्री सिद्धारमैया की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में जस्टिस माइकल डी कुन्हा आयोग की रिपोर्ट को स्वीकार करने के बाद लिया गया है।
न्यायिक आयोग की रिपोर्ट और खुलासे
न्यायमूर्ति माइकल डी कुन्हा आयोग को इस मामले की जांच के लिए एक महीने का समय दिया गया था। 11 जुलाई को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सौंपी गई इस रिपोर्ट में कई चौंकाने वाली अनियमितताओं और गड़बड़ियों का खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA), रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB), कार्यक्रम आयोजक डीएनए एंटरटेनमेंट और बेंगलुरु पुलिस सीधे तौर पर भगदड़ के लिए जिम्मेदार पाए गए हैं।
जांच के दौरान, आयोग ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, प्रत्यक्षदर्शियों, पुलिस अधिकारियों, KSCA अधिकारियों और सरकारी प्रतिनिधियों के बयान दर्ज किए।
सुरक्षा व्यवस्था में भारी खामियां उजागर
- पैनल ने अपनी रिपोर्ट में सुरक्षा व्यवस्था में भारी कमी पाई। रिपोर्ट के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
- पुलिस बल की कमी: स्टेडियम के अंदर केवल 79 पुलिसकर्मी तैनात थे, जबकि बाहर पुलिस की कोई तैनाती नहीं थी।
- चिकित्सा सुविधा का अभाव: मौके पर कोई एम्बुलेंस भी मौजूद नहीं थी, जो आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए बेहद जरूरी होती है।
- समन्वय की कमी: रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि RCB, डीएनए एंटरटेनमेंट और KSCA के बीच प्रभावी समन्वय का अभाव था, जिसके कारण यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हुई।
सरकार का कड़ा रुख
कर्नाटक सरकार ने गुरुवार (17 जुलाई 2025) को सीधे तौर पर RCB को बेंगलुरु भगदड़ के लिए जिम्मेदार ठहराया। हाई कोर्ट को सौंपी गई अपनी रिपोर्ट में सरकार ने इन सभी खामियों की ओर इशारा किया है। आपराधिक मामले दर्ज होने से अब इन सभी पक्षों को कानूनी प्रक्रियाओं का सामना करना पड़ेगा और यह मामला आने वाले समय में और भी सुर्खियां बटोरेगा।



