बिलासपुर, छत्तीसगढ़: न्यायधानी बिलासपुर में भारतीय सेना के एक जवान को मल्टी मिलियन डॉलर प्रोजेक्ट में नौकरी और माइक्रोसॉफ्ट कंपनी का लाइसेंस दिलाने का झांसा देकर ₹3 लाख की ठगी का मामला सामने आया है। इस धोखाधड़ी में पुलिस ने एक महिला को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी, जो खुद भारतीय सेना का पूर्व जवान है, अभी फरार है।
क्या है पूरा मामला ?
सरकण्डा थाना क्षेत्र का यह मामला है, जहां पीड़ित जवान ने शिकायत दर्ज कराई कि उसकी राजू साहू नामक व्यक्ति से जान-पहचान सेना में रहने के दौरान हुई थी। राजू साहू ने फोन पर उसे बताया कि वह एक मल्टी मिलियन डॉलर प्रोजेक्ट में काम कर रहा है और उसे अच्छे कर्मचारियों की जरूरत है। झांसे में लेकर आरोपी ने पीड़ित से अलग-अलग लोगों से बात कराई और दो बार में PhonePe के माध्यम से कुल ₹3 लाख (प्रत्येक बार ₹1.50 लाख) अपनी मां के खाते में जमा करवा लिए।
जब पीड़ित ने प्रोजेक्ट की डिटेल्स और लाइसेंस मांगे, तो आरोपी टालमटोल करता रहा। ठगी का एहसास होने पर पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, जिस पर आरोपी ने उसे धमकाते हुए पाकिस्तान के अकाउंट से पैसे ट्रांसफर कराने की धमकी दी।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत के बाद, पुलिस ने 318(4) बीएनएस 66(डी) आईटी एक्ट की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी राजू साहू के निवास पर दबिश दी और उसकी मां ईश्वरी साहू से पूछताछ की। ईश्वरी साहू ने स्वीकार किया कि उसके ICICI बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर हुए थे। उसने यह भी बताया कि उसका बेटा राजू साहू दिल्ली में रहकर ऑनलाइन मार्केटिंग का काम करता है।
फिलहाल, मुख्य आरोपी राजू साहू फरार है, और पुलिस ने उसकी मां ईश्वरी साहू को गिरफ्तार कर लिया है। मामले की आगे की जांच जारी है।



