मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले, PMKKKY नियमों में संशोधन और नई रेत नीति को मंजूरी
रायपुर, छत्तीसगढ़: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में आज (30 जुलाई) मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। इन फैसलों में खनिज विकास, रेत उत्खनन में पारदर्शिता, कृषि भूमि के बाजार मूल्य निर्धारण और खेल विकास से संबंधित अहम बदलाव शामिल हैं।
1. PMKKKY-2024 के दिशानिर्देशों के अनुसार जिला खनिज संस्थान न्यास नियमों में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने भारत सरकार के खान मंत्रालय के नवीन दिशा-निर्देशों और प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना (PMKKKY)-2024 के संशोधित गाइडलाइंस के अनुसार छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम, 2015 में आवश्यक संशोधन को मंजूरी दे दी है।
इसका क्या फायदा होगा? इस संशोधन से न्यास के पास उपलब्ध राशि का न्यूनतम 70% अब उच्च प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर खर्च किया जाएगा। इनमें पेयजल आपूर्ति, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, महिला एवं बाल कल्याण, वृद्ध एवं निःशक्तजन कल्याण के साथ ही कौशल विकास एवं रोजगार, स्वच्छता, आवास और पशुपालन के समग्र विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र शामिल हैं। यह खनन प्रभावित क्षेत्रों के लोगों के जीवन स्तर में सुधार लाएगा।
2. नई रेत नीति ‘छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025’ को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने साधारण रेत के उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण लाने, साथ ही इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम 2019 और छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत उत्खनन एवं व्यवसाय (अनुसूचित क्षेत्र हेतु) नियम 2023 को निरस्त करते हुए एक नया नियम “छत्तीसगढ़ गौण खनिज साधारण रेत (उत्खनन एवं व्यवसाय) नियम-2025” अनुमोदित किया है।
इसका क्या फायदा होगा?
- यह नई नीति रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने के लिए कड़े कदम उठाएगी।
- आम जनता को उचित दरों पर रेत उपलब्ध हो सकेगी।
- रेत उत्खनन में पर्यावरण और सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाएगा।
- प्रस्तावित नियमों में रेत खदान आवंटन की कार्यवाही इलेक्ट्रॉनिक नीलामी के माध्यम से की जाएगी, जिससे राजस्व में भी वृद्धि होगी।
3. कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण में संशोधन
मंत्रिपरिषद ने छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य कर पंजीयन विभाग से प्राप्त कृषि भूमि के बाजार मूल्य दरों के निर्धारण संबंधी प्रस्ताव को भी मंजूरी दी है।
इसके प्रमुख बदलाव क्या हैं?
- ग्रामीण कृषि भूमि के बाजार मूल्य की गणना के लिए 500 वर्गमीटर तक के भू-खंड की दर को समाप्त कर दिया गया है। अब संपूर्ण रकबे की गणना हेक्टेयर दर से की जाएगी। यह बदलाव भारतमाला परियोजना और बिलासपुर के अरपा भैंसाझार में सामने आई अनियमितताओं से बचने में सहायक होगा।
- ग्रामीण क्षेत्र की परिवर्तित भूमि का मूल्यांकन सिंचित भूमि के ढाई गुना करने के प्रावधान को भी विलोपित कर दिया गया है।
- शहरी सीमा से लगे ग्रामों की भूमियों और निवेश क्षेत्र की भूमियों के लिए वर्गमीटर में दरों का निर्धारण किया जाएगा।
4. नवा रायपुर में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ को क्रिकेट अकादमी के लिए भूमि आबंटित
मंत्रिपरिषद की बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ (CSCS) को नवा रायपुर (अटल नगर) के सेक्टर-3, ग्राम परसदा में क्रिकेट अकादमी की स्थापना के लिए 7.96 एकड़ भूमि आबंटित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
इसका क्या फायदा होगा?
नवा रायपुर में इस अत्याधुनिक क्रिकेट अकादमी की स्थापना से राज्य के प्रतिभावान खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं मिलेंगी, जिससे वे अपने कौशल और प्रतिभा को निखार सकेंगे।
छत्तीसगढ़ राज्य में क्रिकेट के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं और कई युवा खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफलता अर्जित की है। यह अकादमी उन्हें और आगे बढ़ने का मौका देगी।
यह पहल छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट के क्षेत्र में विशेष पहचान दिलाएगी।



