A workshop is being organised for farmers to insure their crops
पुसौर / किसानों को फसल लगाने व लेने के बीच यदि नुकसान होता है तो उस नुकसानी को बीमा के जरिये संबंधित किसान को मुहैया कराने के मद्देनजर इन दिनों किसानों के फसलों का बिमा कराया जा रहा है जिसके लिये प्रत्येक सोसायटी में आये दिन एक कार्यषाला आयोजित की जा रही है इसके लिये प्रदेष सरकार काफी संवेदनषील है जिसका प्रत्येक जिला मुख्यालय के कृशि अधिकारी लक्ष्य तक पहुंचने अपने तहसील स्तर के वरिश्ठ कृशि विकास अधिकारीयों को भार दिया है। इसी कडी में पुसौर वरिश्ठ कृशि विकास अधिकारी आर के पटेल ने बिते दिनांक को पुसौर सेवा सहकारी कार्यालय में किसानों के बीच एक कार्यषाला आयोजित किया जिसमें क्षेत्र के सताधिक किसान मौजुद रहे। इस संबंध में आर के पटेल ने बताया कि पुसौर क्षेत्र में 28 हजार हेक्टर धान फसल है इसी के साथ सैकडों एकड में मुंगफली, उडद, दलहन, तिलहन सहित अन्य फसल है जिनका फसल बीमा किया जा रहा है जागरूक किसान अपनी अपनी ऋण पुस्तिका लेकर लगाये गये फसलों की जायजा दे रहे हैं और बीमा की राषि भी जमा कर रहे हैं। डीएपी और युरिया नहीं मिल रहे के सवाल पर इन्हौने कहा कि नैनो डीएपी और नैना युरिया षासन द्वारा सप्लाई की जा रही है जो कि उसका विकल्प के रूप में उपयोग किसान अब करने लगे हैं और अब पुराने डीएपी युरिया को लोग भुलने लगे हैं।



