The collector appealed to celebrate Ganesh idol immersion and Miladunnabi festival in an atmosphere of social harmony and cordiality
शांति समिति की बैठक लेकर नगर के आयोजकों को कराया नियमों-निर्देशों से अवगत
उत्तर बस्तर कांकेर, 03 सितंबर 2025/ कांकेर नगर में दस दिवसीय गणेशोत्सव और ईद-ए-मिलादुन्नबी पर्व के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आज जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक कलेक्टर श्री निलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की अध्यक्षता में आहूत की गई, जिसमें उन्होंने सभी वर्गों से पूर्व वर्षों की भांति परस्पर सामाजिक समरसता, भाईचारा और सौहार्द्र के साथ पर्वों का आयोजन करने की अपील की। साथ ही सभी समितियों के आयोजकों से आवश्यक व अपेक्षित सहयोग करने और शासन द्वारा निर्धारित नियमों व कानूनों का पालन करने की बात कही।
जिला कार्यालय के सभाकक्ष में आज आयोजित जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक में कलेक्टर ने अपील करते हुए कहा कि बिना तथ्यात्मक पुष्टि के सोशल मीडिया के माध्यम से अपुष्ट अफवाहें और भ्रामक समाचार प्रसारित नहीं किया जाए ताकि किसी प्रकार का प्रतिकूल वातावरण निर्मित न हो। कलेक्टर ने ऐसे मेसेज कंटेंट से सावधान रहने का भी आग्रह किया, जिससे किसी की धार्मिक भावनाएं आहत न हों। उन्होंने मूर्ति विसर्जन के संबंध में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल और उच्च न्यायालय बिलासपुर द्वारा निर्धारित नियमों व दिशानिर्देशों का पालन करने के लिए समिति के पदाधिकारियों से आवश्यक सहयोग करने का अनुरोध किया। कलेक्टर ने विशेष रूप से अपील करते हुए कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान डीजे, धुमाल, हाईबेस वूफर साउंड सिस्टम का उपयोग नहीं किया जाए। इसी तरह मूर्ति विसर्जन, शोभायात्रा, जुलूस एवं झांकी प्रदर्शन के लिए रूट चार्ट आदि हेतु जिला प्रशासन एवं पुलिस द्वारा संयुक्त रूप से माइक्रो प्लानिंग की जाएगी, जिसमें इस दौरान सभी आवश्यक सेवाओं, सुविधाओं, सुरक्षा पहलुओं, पार्किंग, रूट चार्ट आदि के संबंध में विस्तारपूर्वक कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इस दौरान कलेक्टर ने सभी आयोजकों से मूर्ति विसर्जन और शोभायात्रा रात्रि दस बजे तक सम्पन्न कराने के लिए कहा।
बैठक में अपर कलेक्टर श्री जितेन्द्र कुमार कुर्रे ने एनजीटी के निर्देशों की जानकारी देते हुए बताया कि आयोजन समितियों को जिला प्रशासन के सक्षम प्राधिकारी से विधिवत् अनुमति लेनी होगी। यह भी बताया गया कि शोभायात्रा, जुलूस में एनजीटी द्वारा पारित निर्णयानुसार लाउड स्पीकर यंत्रों की सीमा 10 डेसिबल ए/75 डेसिबल (ए) होगी। ध्वनि एवं पर्यावरण प्रदूषण रोकने रात्रि 10 बजे तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है, जिसका सभी आयोजन समिति अनिवार्यतः पालन करें। उन्होंने यह भी बताया कि मूर्ति विसर्जन के दौरान सभी प्रकार के आयोजन की जानकारी जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन के संज्ञान में लाना अनिवार्य है तथा सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बाद ही स्वागत द्वार, मंच-पंडाल का निर्माण व सार्वजनिक कार्यक्रम आयोजित किया जाए। इसके अलावा जुलूस/शोभायात्रा के दौरान बजाए जाने वाले गीत-संगीत कर्णप्रिय, गरिमामय तथा भक्तिपूर्ण हो, इसका भी ध्यान रखा जाए। झांकी अथवा शोभायात्रा के दौरान किसी प्रकार का हथियार लेकर चलना सख्त वर्जित रहेगा तथा महिलाओं के सम्मान व सुरक्षा विशेष तौर पर ध्यान आयोजन समितियों द्वारा रखा जाए। अपर कलेक्टर ने एनजीटी और उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के विभिन्न निर्देशों की भी विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस दौरान विभिन्न समिति के पदाधिकारियों ने भी मूर्ति विसर्जन के दौरान यातायात व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, भीड़ नियंत्रण व अन्य प्रकार की जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए। इस अवसर पर नगरपालिका कांकेर के अध्यक्ष श्री अरूण कौशिक, उपाध्यक्ष श्री उत्तम यादव, जिला पंचायत के सी.ई.ओ. श्री हरेश मण्डावी, एडिशनल एसपी श्री दिनेश कुमार सिन्हा सहित विभिन्न आयोजन समितियों के पदाधिकारीगण व मुस्लिम समाज के प्रतिनिधि और मीडिया प्रतिनिधिगण उपस्थित थे।



