Home Blog मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण से सम्मानित हुए जिले के उत्कृष्ट शिक्षक

मुख्यमंत्री गौरव अलंकरण से सम्मानित हुए जिले के उत्कृष्ट शिक्षक

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The best teachers of the district were honored with the Chief Minister’s Gaurav Award

शिक्षा के साथ संस्कार, ज्ञान और दिशा प्रदान करते हैं शिक्षक : सांसद श्री नाग

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उत्तर बस्तर कांकेर, 05 सितम्बर 2025/ एक शिक्षक से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद राष्ट्रपति तक का सफर करने वाले डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में प्रतिवर्ष शिक्षक दिवस मनाया जाता है। शिक्षक दिवस के अवसर पर आज जिले के 38 शिक्षकों को मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण से सम्मानित किया गया। इसके अंतर्गत 03 शिक्षक को ज्ञानदीप पुरस्कार तथा 21 शिक्षक शिक्षादूत पुरस्कार और 07 उत्कृष्ट प्रधान पाठक माध्यमिक स्तर एवं 07 उत्कृष्ट प्रधान पाठक प्राथमिक स्तर से सम्मानित किए गए। इसके अलावा सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं रजत जयंती महोत्वस में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षक भी पुरस्कृत किए गए। सम्मान समारोह का आयोजन शहर के न्यू कम्युनिटी हॉल में किया गया, जहाँ शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग उपस्थित थे, जबकि समारोह की अध्यक्षता कांकेर विधायक श्री आशाराम नेताम ने की।
सांसद श्री नाग ने अपने उद्बोधन में कहा कि माता-पिता के बाद सबसे बड़ा दर्जा शिक्षक को प्राप्त है क्योंकि शिक्षक ही विद्यार्थियों के जीवन में शिक्षा के साथ-साथ संस्कार, ज्ञान और दिशा प्रदान करते हैं। हमारी परंपरा के अनुसार गुरू को भगवान से ऊपर माना गया है। समाज के निर्माण में शिक्षकों का बड़ा योगदान होता है। उन्होंने कहा कि हमारे आश्रम छात्रावासों में बच्चों को परंपरा और रीति-रिवाजों की जानकारी छोटी उम्र से ही दी जानी चाहिए, ताकि विकसित भारत के निर्माण में उनकी सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

विधायक श्री नेताम ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते हैं। समाज और शिक्षा व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने में उनकी भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। आज का यह सम्मान समारोह उन शिक्षकों के समर्पण, कर्तव्यनिष्ठा और सेवाभाव का प्रमाण है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा देने का कार्य किया है। कार्यक्रम को मछुआ कल्याण बोर्ड अध्यक्ष श्री भरत मटियारा एवं हस्तशिल्प बोर्ड की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी राजपूत तथा जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण नरेटी और जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती तारा ठाकुर ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिक्षा गौरव अलंकरण योजना के तहत ज्ञानदीप पुरस्कार से नरहरपुर विकासखंड के श्री संतराम ठाकुर, श्री कुंदन लाल साहू तथा चारामा के श्री हरिशचन्द्र साहू को प्रशस्ति पत्र और 07-07 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि का चेक वितरित किए। इसी प्रकार शिक्षादूत पुरस्कार के अंतर्गत अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, चारामा, दुर्गुकोंदल, कांकेर, कोयलीबेड़ा एवं नरहरपुर विकासखंड के 21 शिक्षकों को प्रत्येक को 05-05 हजार रुपए की पुरस्कार राशि और प्रशस्ति पत्र भेंट किया गया। इसके अलावा उत्कृष्ट प्रधान पाठक (प्राथमिक स्तर) की श्रेणी में कांकेर, कोयलीबेड़ा, दुर्गुकोंदल, नरहरपुर, चारामा, भानुप्रतापपुर एवं अंतागढ़ विकासखंड के 07 प्रधान पाठकों को प्रत्येक को एक एक हजार रुपए के चेक से सम्मानित किया गया। वहीं माध्यमिक स्तर पर अंतागढ़, भानुप्रतापपुर, चारामा, दुर्गुकोंदल, कांकेर, कोयलीबेड़ा एवं नरहरपुर विकासखंड के एक – एक प्रधान पाठक यानी 07 को भी प्रत्येक एक-एक हजार रुपए के चेक और प्रशस्ति पत्र स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से प्रदाय किए गए। इसके अतिरिक्त रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में जिले के 25 उत्कृष्ट शिक्षकों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। इस अवसर पर जिला पंचायत सदस्य सुश्री मृदुला भास्कर, पूर्व विधायक श्रीमती सुमित्रा मारकोले, जिला शिक्षा अधिकारी रमेश निषाद, स्थानीय प्रशासन, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षकगण, गणमान्य नागरिक, पार्षदगण तथा छात्र-छात्राएं भी उपस्थित रहे।

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