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दान ही सबसे बड़ा धर्म है कोमलदेव अस्पताल पहुंच कर पार्षद विकास कुमार अंभोरे ने किया नेत्र एवं देहदान।

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Charity is the greatest religion. Councilor Vikas Kumar Ambhore reached Komaldev Hospital and donated his eyes and body.

कांकेर:- आज सुभाष वार्ड के पार्षद विकास कुमार अंभोरे ने जानकारी देते हुए बताया कि नेत्रदान एवं देह दान कर के बहुत ही खुशी और मन की आत्मीय संतुष्टि हो रही है अपने शरीर और नेत्र का दान कांकेर मेडिकल कॉलेज के उप संचालक विमल भगत के समक्ष गीता चौहान ( नानी ) और अपने भाई सूरज अंभोरे के साथ पहुंच कर नेत्रदान एवं देह दान किया है आपको बता दें कि नेत्रदान और देहदान मानवता की सेवा में सबसे उच्च और निस्वार्थ कार्यों में से एक हैं ये दोनों दान न केवल किसी के जीवन को बेहतर बना सकते हैं बल्कि समाज में मानवता और करुणा के मूल्यों को भी बढ़ावा देते हैं नेत्रदान और देहदान के महत्व प्रक्रिया और सामाजिक प्रभाव को समझाने का प्रयास करता है नेत्रदान वह प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद अपनी आंखों (कॉर्निया) को दान करता है ताकि किसी नेत्रहीन व्यक्ति को दृष्टि प्रदान की जा सके भारत में लाखों लोग कॉर्नियल अंधत्व (corneal blindness) से पीड़ित हैं, और नेत्रदान इस समस्या का एक प्रभावी समाधान है देहदान वह प्रक्रिया है जिसमें कोई व्यक्ति अपनी मृत्यु के बाद अपने शरीर को चिकित्सा अनुसंधान शिक्षा या अंग प्रत्यारोपण के लिए दान करता है यह दान चिकित्सा विज्ञान को आगे बढ़ाने और भविष्य के डॉक्टरों को प्रशिक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। देहदान से कई अंग और ऊतक (जैसे हृदय, गुर्दे, यकृत) दान किए जा सकते हैं, जो कई लोगों के जीवन को बचा सकते हैं नेत्रदान और देहदान न केवल चिकित्सा क्षेत्र में योगदान देते हैं, बल्कि समाज में निस्वार्थ सेवा और करुणा की भावना को भी प्रोत्साहित करते हैं। ये कार्य मृत्यु के बाद भी जीवन को अर्थ प्रदान करते हैं भारत में, जहां अंगों और कॉर्निया की कमी एक बड़ी समस्या है, इन दानों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है नेत्रदान और देहदान जीवन को एक नया आयाम देने का अवसर प्रदान करते हैं ये कार्य न केवल दूसरों के जीवन को बेहतर बनाते हैं, बल्कि दान करने वाले व्यक्ति की स्मृति को भी अमर बनाते हैं आइए, हम सभी मिलकर इस महान कार्य को अपनाएं और समाज में एक सकारात्मक बदलाव लाएं जैसा कि कहा जाता है, “दान ही सबसे बड़ा धर्म है ” यदि आप नेत्रदान या देहदान के लिए पंजीकरण करना चाहते हैं, तो अपने नजदीकी नेत्र बैंक या मेडिकल कॉलेज से संपर्क करें यह छोटा सा कदम किसी के जीवन में बड़ा बदलाव ला सकता है।

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