पुसौर
आगामी लोक सभा चुनाव को लेकर जहां राजनीतिक गतिविधियों में तेजी आई है वहीं भावी प्रत्याषियों को लेकर भी मतदाताओं सहित राजनीतिक पार्टीयों में भी सुगबुगाहट देखी जा रही है रायगढ लोकसभा सीट चूंकि आदिवासी आरक्षित सीट है लिहाजा कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों के आदिवासी नेतृत्व के बीच प्रतिस्पर्धा की स्थिति बनी हुई है गौरतलब है कि रायगढ लोक सभा सीट में कभी दक्षिणी छोर तो कभी उत्तरी छोर के प्रत्याषियों का दबदबा रहा है लेकिन लोक सभा सीट के मध्य रायगढ विधान सभा क्षेत्र अब तक यह स्थान प्राप्त नही कर पाया है इसी तथ्य पर संभावनाओं के खुले मैदान में युवा तुर्क आदिवासी नेता रघुनाथ कौंद जो ग्राम देवलसुर्रा पंचायत में निवासी हैं और आदिवासी जनसमुह के लिये प्रदेष स्तर पर निरंतर काम करते रहे हैं वहीं श्री कौंद ग्राम पंचायत देवलसुरा मे कई बार लोकप्रिय सरपंच भी है। बहरहाल रघुनाथ कौंद ने आगामी लोक सभा चुनाव में भाजपा के एक मजबुत दावेदारी पेष की है। मिली जानकारी के मुताविक रायगढ जिले के विधायक सहित अन्य भाजपेई नेतृत्व के करीबी भी समझे जाते हैं ऐसे में उनकी प्रबल दावेदारी स्वतः प्रमाणित होती है अब देखना है कि टिकिट की दौड में उन्हें कितनी सफलता मिलती है।सुत्रों के मुताविक भाजपा से लोकसभा रायगढ के टिकट मिलने की प्रत्याषा में रायपुर में डटे हुये हैं और तमाम भाजपा के संगठन प्रमुखों के साथ साथ आदिवासी नेताओं से लगातार संपर्क बनाये हुये हैं। यहां यह बताना लाजिमी होगा कि सांसद गोमती साय के कार्यकला में ये सांसद प्रतिनिधि भी रहे है जिनके मार्गदर्षन में समुचे लोकसभा क्षेत्र के नब्ज को पहचानते है और तद अनुरूप काम करते आये हैं जिससे षासकीय अषासकीय जितने औद्योगिक प्रतिश्ठान है इन सभी स्थानों में जहां युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हुये वहीं कामकाजी लोगों को लंबे समय तक काम भी मिला है। इनके समाज के लोगों की माने तो ये अपने आदिवासी समाज का प्रदेष स्तर में कई बार नेतृत्व करते हुये जमीन संबंधी कई मामलों पर इन्हौने उसका सुखद पटाक्षेप कराया है जिससे समाज के लोंगो में एक वर्चस्व कायम है जिसका लाभ भाजपा को होता रहा है। ऐसे स्थिति में इनके द्वारा एक सषक्त दावेदारी प्रस्तुत करना भाजपा के लोगों द्वारा जायज ठहराया जा रहा है।



