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सफलता की कहानी : स्व-सहायता समूह से जुड़कर बदली जिंदगी, मछली पालन से बढ़ी आमदनी

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Success Story: Life changed by joining a self-help group, income increased through fish farming

मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट

Ro.No - 13672/156

= आदिवासी महिलाओं ने आत्मनिर्भरता की राह पकड़ी

मुंगेली– विष्णु सरकार के सुशासन में आदिवासी अंचल की महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों से जुड़कर न सिर्फ आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूत कर रही हैं। इसी तारतम्य में विकासखण्ड मुंगेली अंतर्गत ग्राम पचोटियां की “जय बूढ़ा देव” महिला स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने मछलीपालन से अपनी आमदनी में बढ़ोत्तरी की है। समूह की अध्यक्ष श्रीमती संतोषी ध्रुव और सचिव गौरी बाई मरावी ने बताया कि उन्होंने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के तहत बैंक से लोन लिया था और विगत 08 वर्षों से गांव के रामसागर तालाब में मछली पालन कर रही हैं।

समूह की महिलाएं साल में दो बार मछली बेचती हैं, जिससे उन्हें करीब 60 हजार रूपए तक की आमदनी हो जाती है। इसके साथ ही वे अपनी परंपरागत खेती-बाड़ी भी करती हैं। इससे उनके परिवार की आय में लगातार वृद्धि हुई है और जीवन स्तर में सुधार आया है। महिलाओं ने कहा कि सरकार की योजनाओं और सहयोग से उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है। आज वे आत्मविश्वास के साथ अपने परिवार का भाग्य खुद गढ़ रही हैं। इससे उन्हें रोजगार का साधन मिल गया है और अजीविका भी बेहतर तरीके से चल रही है। उन्होंने शासन-प्रशासन को धन्यवाद ज्ञापित किया है।

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