Home Blog बाढ़ आपदा से बचाव और राहत कार्यों के लिए तटवर्ती गांवों सिंगपुरी...

बाढ़ आपदा से बचाव और राहत कार्यों के लिए तटवर्ती गांवों सिंगपुरी और चंघोरी में हुआ मॉक ड्रिल

0

Mock drills were conducted in the coastal villages of Singpuri and Changhori for flood prevention and relief operations.

महानदी में फंसे लोगों को बचाव दल ने मोटरबोट से सुरक्षित निकाला

Ro.No - 13672/156

जिला आपदा राहत फोर्स ने अन्य प्रशासनिक विभागों के साथ मिलकर किया अभ्यास

रायगढ़ / आज सुबह 10.30 बजे पुसौर विकासखंड के सिंगपुरी और चंघोरी में कुछ लोगों के महानदी में फंसे होने की सूचना मिली। जिस पर तत्काल राहत एवं बचाव टीम मौके पर पहुंची। मोटरबोट की सहायता से डीडीआरएफ के तैराकों ने फंसे लोगों को सुरक्षित निकाला। दरअसल यह बचाव अभियान जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ आपदा राहत के तहत आयोजित मॉक ड्रिल का हिस्सा था। पुसौर विकासखंड के तटवर्ती गांव चंघोरी और सिंगपुरी में आज कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में बाढ़ आपदा बचाव कार्य का मॉकड्रिल किया गया। यहां महानदी में बाढ़ आने पर आवश्यक सुरक्षा प्रोटोकॉल्स के साथ फंसे हुए लोगों के बचाव का अभ्यास किया गया। चिकित्सीय सहायता के लिए मेडिकल टीम तैनात रखी गई थी। मॉक ड्रिल के दौरान एडीएम श्री अपूर्व प्रियेश टोप्पो, एडिशनल एसपी श्री आकाश मरकाम, ज्वाइंट कलेक्टर श्री राकेश गोलछा एवं जिला सेनानी श्री बी कुजूर उपस्थित रहे।

मॉक ड्रिल के दौरान बाढ़ आने पर टापू में फंसे लोगों को मोटर बोट की सहायता से सुरक्षित बाहर निकालने, डूब रहे लोगों को बचाने, इस दौरान किसी प्रकार की मेडिकल इमरजेंसी में प्राथमिक उपचार और जीवन रक्षक प्रक्रियाओं के पालन का अभ्यास निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार किया गया। मॉक ड्रिल में नगर सेना के जिला आपदा राहत बल ने राजस्व, पुलिस, स्वास्थ्य, पीडब्ल्यूडी, विद्युत, खाद्य विभाग सहित अन्य प्रशासनिक अमलों के साथ मॉक ड्रिल में हिस्सा लिया। इस दौरान मोटर बोट में तैनात तैराक, चिकित्सीय सहायता में लिए डॉक्टर्स और एम्बुलेंस की टीम, सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस के जवान और अन्य जरूरी इंतजामों के लिए संबंधित प्रशासनिक टीम मौके पर मौजूद रही।

यह अभ्यास राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, गृह मंत्रालय, भारत सरकार, छत्तीसगढ़ राज्य आपदा प्राधिकरण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग और जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित किया गया। इस दौरान गांवों के जलमग्न होने जैसी आपदा परिस्थितियों में नियंत्रण कक्ष के संचालन, आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता, राहत शिविरों की पहचान, आपातकालीन सहायता स्थल, स्वास्थ्य केंद्र, अन्य निकासी मार्ग, खोज एवं बचाव, नुकसान का आकलन तथा राहत एवं पुनर्वास जैसे महत्वपूर्ण विषयों के लिए जिला प्रशासन द्वारा उठाए जाने वाले कदमों का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल के दौरान ग्रामवासी और स्कूली बच्चे विशेष रूप से उपस्थित रहे तथा बाढ़ राहत के दौरान रखी जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया।

टीमों के बेहतर समन्वय के लिए किया गया अभ्यास
बाढ़ आपदा के दौरान राहत एवं बचाव कार्यों में कई टीमें एक साथ काम करती है। ऐसे चुनौतीपूर्ण समय में सभी टीमों के बीच जरूरी समन्वय और सूचनाओं के सही और सामयिक आदान प्रदान से लोगों की सहायता और जीवन रक्षा आसान हो जाती है। इसी उद्देश्य से यह मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें नदी के तटवर्ती इलाकों को खाली कराया जाता है। इस दौरान नदी में मछली पकडऩे या अन्य किसी कारण से गए लोगों के फंसने की संभावना होती है। ऐसी घटनाओं में लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए बाढ़ आपदा बचाव के दौरान आने वाली परिस्थितियों को निर्मित कर उस दौरान अपनाए जाने वाले उपायों का अभ्यास किया जाता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here