Earlier, electricity bills were a big worry, now we are getting relief and self-reliance.
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना: ‘सूरज की रोशनी’ से दिनकर का घर हुआ रोशन
हरित ऊर्जा से बढ़ी आर्थिक मजबूती, योजना बनी उपभोक्ताओं के लिए वरदान
रायगढ़ / प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना आम उपभोक्ताओं के जीवन में नई ऊर्जा, नई रोशनी और नई उम्मीदें लेकर आई है। इसी योजना से लाभान्वित होकर रायगढ़ शहर के किरोड़ीमल नगर निवासी श्री दिनकर मिश्रा आज ऊर्जा आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गए हैं। श्री मिश्रा ने योजना की जानकारी के साथ पूरी प्रक्रिया का पालन करते हुए अपने घर की छत पर 5 किलोवाट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। अब सूरज की किरणें उनके घर में हर दिन उजियारा ही नहीं, बल्कि बचत और आत्मनिर्भरता की नई किरणें भी लेकर आ रही हैं।
श्री दिनकर मिश्रा बताते हैं कि सोलर सिस्टम लगाने से पहले हर महीने आने वाले भारी.भरकम बिजली बिल से वे काफी चिंतित रहते थे। मार्च महीने में 1190 यूनिट खपत पर 8,290 रुपए का बिल आया और अप्रैल महीने में 657 यूनिट खपत पर 3,250 रुपए का बिल जमा करना पड़ा। इससे परेशान होकर उन्होंने विद्युत विभाग से संपर्क किया, जहां उन्हें प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की जानकारी दी गई। योजना की प्रक्रिया सरल और पारदर्शी होने से उन्होंने बिना देर किए आवेदन किया और सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करवा लिया। सोलर सिस्टम लगने के बाद श्री मिश्रा को हर महीने बिजली बिल में राहत मिलने लगी। अगस्त महीने में सोलर पैनल से 325 यूनिट बिजली का उत्पादन हुआ, जिससे उन्हें 1,853 रुपए की छूट प्राप्त हुई और कुल बिल मात्र 296 रुपए का आया। श्री दिनकर मिश्रा बताते हैं कि अब उन्हें उम्मीद है कि आने वाले महीनों में उनका बिजली बिल शून्य हो जाएगा।
हरित ऊर्जा से बढ़ी आर्थिक मजबूती
अपने अनुभव साझा करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना सिर्फ बिजली बिल कम करने तक सीमित नहीं है। इस योजना ने हमारे परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण और हरित ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा दिया है। सूरज की रोशनी अब हमारे घर के लिए केवल उजियारा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और स्थायित्व का प्रतीक बन चुकी है। यह योजना देश को हरित, स्वच्छ और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर अग्रसर करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।



