Home Blog CM नीतीश की महागठबंधन में वापसी को लेकर लालू का बड़ा बयान...

CM नीतीश की महागठबंधन में वापसी को लेकर लालू का बड़ा बयान , बोले- ‘दरवाजा खुला रहता है, आएंगे तो…’

0

Lalu’s big statement regarding CM Nitish’s return to the grand alliance, said – ‘The door remains open, if he comes…’

राजनीतिक गलियारे से एक बड़ी खबर निकलकर सामने आ रही है। सीएम नीतीश कुमार को दुबारा मौका देने पर बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने बड़ी बात कह दी है। उन्होंने कहा कि अब आएंगे तो देखेंगे, दरवाजा खुला ही रहता है। बता दें कि पिछले 28 जनवरी को नीतीश कुमार महागठबंधन से अलग होकर एनडीए के साथ सरकार बना ली थी।

Ro.No - 13672/156

लालू यादव से पूछा गया कि क्या नीतीश कुमार के लिए महागठबंधन में दरबाजा खुला है? क्या नीतीश कुमार को मौका देंगे? इसपर लालू यादव ने जवाब देते हुए कहा कि अब आएंगे तो देखेंगे, खुला ही रहता है हमेशा दरवाजा।

लालू प्रसाद यादव ने कहा कि नीतीश कुमार के लिए दरवाजा खुला रहता है. आएंगे तो देखेंगे. कल मिले थे. बधाई दे दी है. हालांकि लालू प्रसाद यादव ने यह भी कहा कि नीतीश कुमार को पाला बदलने की आदत है. वहीं आरजेडी सुप्रीमो ने किसान आंदोलन पर भी प्रतिक्रिया दी. कहा कि हमलोग किसान आंदोलन के साथ हैं. किसानों को पूरा समर्थन है. रोजी और रोजगार खत्म हो गया है. लालू ने यह भी कहा कि राहुल गांधी और तेजस्वी यादव की रैली में काफी भीड़ है, हम लोग जीतेंगे.

कब कब मारी नीतीश ने पलटी

आपको बता दें कि पिछले महीने के अंत में नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़ते हुए गवर्नर को सीएम पद से इस्तीफा सौंपा था.फिर उसी दिन एनडीए गठबंधन के तहत नई सरकार के मुखिया के रूप में शपथ ली थी. साल 2013 में बीजेपी ने प्रधानमंत्री पद के लिए गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को उम्मीदवार घोषित कर दिया और इसी को आधार बनाकर नीतीश ने साल 1996 से चला आ रहा गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया.

जेडीयू ने 2014 का लोकसभा चुनाव अकेले लड़ा और पार्टी महज दो सीटें ही जीत सकी. नीतीश ने इस प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया और जीतनराम मांझी को सरकार की कमान सौंप दी. लेकिन कुछ ही महीनों में नीतीश का मन बदल गया और उन्होंने राजभवन पहुंचकर विधायकों का समर्थन पत्र सौंप सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया और फिर से मु्ख्यमंत्री बन गए थे. 2014 में लालू यादव की पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया. 2015 के विधानसभा चुनाव में जेडीयू-आरजेडी के महागठबंधन को पूर्ण बहुमत के साथ सरकार चलाने का जनादेश मिला. आरजेडी को जेडीयू से अधिक सीटों पर जीत मिली और नीतीश कुमार के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनी.

नीतीश की महागठबंधन सरकार में तेजस्वी डिप्टी सीएम थे. तेजस्वी का नाम भ्रष्टाचार के एक मामले में आया. इसके बाद नीतीश का मन बदल गया. साल 2017 में वह आरजेडी से गठबंधन तोड़कर बीजेपी के साथ आ गए. 2019 का लोकसभा चुनाव और 2020 का बिहार चुनाव जेडीयू ने बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा. लोकसभा चुनाव में जेडीयू को 16 सीटों पर जीत मिली लेकिन विधानसभा चुनाव में पार्टी महज 43 सीटों पर सिमट गई.

नीतीश कुमार ने साल 2022 में फिर से बीजेपी का हाथ झटक आरजेडी से गठबंधन कर लिया. नीतीश कुमार ने आरजेडी के साथ मिलकर सरकार बना ली और तेजस्वी यादव ने उनकी सरकार में डिप्टी सीएम की शपथ ली.

राहुल गांधी में कोई कमी नहीं

इस दौरान पत्रकारों के एक सवाल पर कि क्या राहुल गांधी पीएम बनेंगे? इस पर जवाब देते हुए लालू प्रसाद यादव ने कहा कि कोई कमी थोड़ी है. कोई कमी नहीं है. लालू यादव ने कहा कि हम लोग जीतेंगे.

‘अब कहीं नहीं जाएंगे’- नीतीश कुमार: हालांकि लालू यादव से अलग नीतीश कुमार का बयान है. नीतीश एनडीए में जाने के बाद से बार-बार कह रहे हैं कि अब यहीं रहेंगे कहीं नहीं जाएंगे. फ्लोर टेस्ट से पहले दिल्ली जाकर नीतीश ने पीएम नरेंद्र मोदी, केंद्री गृहमंत्री अमित शाह और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकत की थी. उसके बाद मीडिया से बात करते हुए उन्होंने साफ-साफ कहा था कि अब हम एक बात सबको कह देते हैं. अब एनडीए से हम कहीं नहीं जाएंगे. हम पहले भी साथ थे लेकिन राह बीच में अलग हो गई थी.

इसे भी पढ़ें-

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here