पुसौर
नगर पंचायत पुसौर के 15 वार्डो में पेय जल की सुविधा किसी न किसी वार्ड में आये दिन बाधित होती रही है कभी इस वार्ड में तो कभी उस वार्ड में। कमोबेष मंदिर परिसर के रहवासियों को छोडकर षेश सभी लोगों को जल आपुर्ति किसी न किसी जरिये हो जाती है वहीं इस परिसर के लोगों को टेंकर ही एक जरिया बनता है। जानकारी के अनुसार नदी वाले कनेक्षन, टंकी कनेक्षन और बडेतालाब वाले बोर कनेक्षन इस तरह कनेक्षन वितरण हुये है जिसमें नदी वाला कनेक्षन स्थाई रूप से बंद हो गया है और नाली निर्माण आदि में टंकी कनेक्षन पाईप में पानी की रूकावट आने से इस कनेक्षन का पानी भी मंदिर परिसर के कई घरों में नहीं पहुंच पाता । अब इनके लिये केवल बडे तालाब के बोर कनेक्षन ही षेश बचे जिसके बंद होने से मंदिर परिसर वासियों को पानी के कील्लत का सामना करना पडता है। सीएमओ क्षितिज सिंह को उक्त बडे तालाब का नलकुप बंद होने की खबर मिलने पर इन्हौेने मौके पर ही जाकर नलकुप को सुधरवाने सघन 3 दिन तक प्रयास किया। बताया जाता है कि तालाब परिसर में 2 नलकुप है जिसमें एक मीठा पानी व एक खारा पानी है और दोनों बोर एक साथ चलने से मंदिर परिसर के लोगों पानी मिल पाता है इसमें नगर के कुछ प्रमुख लोग मिठा पानी लेने के लिये दोनों बोर को एक साथ नहीं चलाने देते जिससे मंदिर परिसर में पानी नहीं पहुंच पाता। बहरहाल सीएमओ के दिषा निर्देष में दोनों नलकुपों की मरम्मत की जा चुकी है और पानी की कील्लत से निजात मिलने के संकेत प्राप्त हो रहे हैं। इसी कडी में सीएमओ ने बंद पडे वाटर एटीएम को भी मरम्मत करवाया है जहां बिते दिनांक को पानी निकलते देखा गया है। अब देखना है कि ये मरम्मत कब तक काम आती है।
उल्लेखनीय है कि पुसौर के ग्राम पंचायत कार्यकाल में 2006-7 में हास्पीटल के सामने पानी टंकी का निर्माण करवाया गया जो अब भी है इसके निर्माण होते समय ग्रामवासी उत्साही रहे कि अब पानी की कील्लत नहीं होगी। टंकी बना, पाईप लाईन बिछाते समय तात्कालीन किसी अधिकारी अथवा जागरूक लोगों ने यह जहमत नहीं उठाई कि पाईप लाईन उचित बिछाया जाये। जिसका खामियाजा यह हुआ कि कई जगहों पानी रोड में बिखरे और टंकी का पानी घरों में नहीं पहुंचा। इसी कारण कोल्ता पारा मुहल्ला में यह कनेक्षन नहीं पहुंच पाया। इसी बीच कई बोर भी खनन हुये, नगर पंचायत होने के बाद तो नलकुपों की संख्या में काफी इजाफा होने के साथ कई स्टाफ के साथ लगभग 7000 आबादी वाले नगर के लिये एक सरकार खडी है बावजुद इसके मुलभुत सुविधायें प्राप्त न होना एक बहुत बडा सवाल सामने आता है।



