Daughters empowered with education, health and self-confidence
अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर रायगढ़ में “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत हुआ जागरूकता कार्यक्रम
रायगढ़ / अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” योजना के तहत रामभाटा सामुदायिक भवन में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में महिला सशक्तिकरण केंद्र द्वारा आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, आत्मनिर्भरता और लैंगिक समानता के प्रति जागरूक करना था।
जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री एल.आर. कच्छप ने बताया कि बालिकाओं के स्वास्थ्य को केंद्र में रखते हुए कार्यक्रम में एनीमिया जांच किया गया। शाला त्यागी बालिकाओं का स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें संतुलित आहार, एनीमिया की रोकथाम और पोषण संबंधी परामर्श प्रदान किया गया। बालिकाओं की प्रतिभा को मंच देने और आत्मविश्वास बढ़ाने के उद्देश्य से मेहंदी, चित्रकला एवं नींबू दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इस दौरान बालिकाओं ने पूरे उत्साह और उमंग के साथ अपनी रचनात्मकता और प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
जागरूकता सत्र में विशेषज्ञों ने लैंगिक समानता, शिक्षा का महत्व, लक्ष्य निर्धारण, संतुलित आहार, मासिक धर्म स्वच्छता और एनीमिया की रोकथाम जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी दी। वक्ताओं ने कहा कि जब बेटियों को समान अवसर और सही दिशा मिलती है, तो वे हर क्षेत्र में सफलता का नया इतिहास रचती हैं। कार्यक्रम में उपस्थित बालिकाओं को 181 सखी वन स्टॉप सेंटर और चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 जैसी आवश्यक सेवाओं की जानकारी दी गई, ताकि वे किसी भी आपात स्थिति में त्वरित सहायता प्राप्त कर सकें। इस अवसर पर मिशन शक्ति की जेंडर विशेषज्ञ श्रीमती सरिता सिंहा उत्तरा, स्वास्थ्य विभाग की टीम, सुपरवाइजर, मितानिन और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और बालिकाएं उपस्थित रहीं।



