पुसौर
वन विभाग में लंबे समय तक दफेदार पद पर कार्यरत रहे षिवप्रसाद पाणिग्राही जी का अधिक उम्र होने के साथ ही हृदयाघात होने से लगभग 80 वर्श की आयु में इनका निधन हो गया। डिग्री कालेज रायगढ में प्रोफेसर के पद पर कार्यरत इनके नाति बजरंग पाणिग्राही के मुताविक ये व्ही आर एस लेकर अपने परिवार में रहते थे और बच्चों के षिक्षा दिक्षा पर नजर गडाये रखते थे। जिसके परिणाम से इनकी पोती समुचे छत्तीसगढ में एकीकृत बाल विकास परियाजना के सुपरवाईजर परीक्षा में टाप में स्थान पाया वहीं बजरंग पाणिग्राही को उच्च षिक्षा प्राप्त करने के अवसर प्राप्त हुये और नामचीन षासकीय महाविद्यालय में प्रोफेसर का पद हासिल हुआ है। इन्हौने सनातन संस्कृति के मद्देनजर अपने स्वयं के व्यय से जगन्नाथ मंदिर स्थापित की है जहां प्रतिदिन पुजा अर्चना होता रहा है और इनके सानिध्य में ही ये अक्सर रहा करते थे। इनके निधन पर इनके समुचे परिवार जन सहित इनके ईश्ट मित्र व बंधु वर्ग तथा उनके विभाग के लोगों में षोक का लहर व्याप्त है।



