51 Maoists return to the mainstream in Bijapur, a major success of the “Revival from Poona Margam Rehabilitation” campaign
बीजापुर@रामचन्द्रम एरोला – राज्य शासन की पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन योजना के तहत बुधवार को बीजापुर जिले में 51 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। इनमें 9 महिलाएं और 42 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल ₹66 लाख का इनाम घोषित था।
इन माओवादियों में पीएलजीए बटालियन, कंपनी, एरिया कमेटी, आरपीसी, डीएकेएमएस, सीएनएम और जनताना सरकार से जुड़े सदस्य शामिल हैं।
बुधराम पोटाम उर्फ रंजीत, मनकी कोवासी, हुंगी सोढ़ी, रविन्द्र पुनेम उर्फ आयतू, देवे करटाम, मंगू ओयाम उर्फ लालू, आसमती ओयाम उर्फ सोमारी, आसमती पुनेम उर्फ आशा, लक्ष्मण कोरसा, गुड्डी लेकाम उर्फ आयतू, मंगरू वड्डे, आयतू पुनेम उर्फ मासा, मोटू लेकाम, तुले कुडियम उर्फ मित्रा, बुधरी मड़कम उर्फ मुण्डरी, लालसाय बारसा उर्फ गंगू, लक्ष्मीनाथ ठाकुर उर्फ ललित, जमली कोरसा, सायबी वड्डे, प्रमिला उइका, सुदरू अवलम, नंदा कुंजाम, पोज्जा माड़वी उर्फ मुंचाल, गोपी कडियम, हुंगा लेकाम उर्फ रमेश, पीलू मिडियम उर्फ भीमा, मासो मड़कम उर्फ कारे, कमलेश कारम उर्फ गुड्डी, हुंगा ओयाम उर्फ पीड़ता, प्रमोद पोयाम, पीसो पोडियम, दशरू अवलम उर्फ फुलके, दशरू पुनेम, बचलू कर्मा, शशि कर्मा, सुरेश पुनेम, भीमा माड़वी उर्फ रोड्डा, भूमा कुंजाम, मनकू कड़ती, हुंगा माड़वी उर्फ पीटकूटा, भामी सोढ़ी, लच्छू मड़कम उर्फ दशरू, नंदू मुचाकी, हिड़ा मुचाकी, जिला ओयाम, राजकुमार कोरसा उर्फ राजू, सोमू अवलम उर्फ टोरका, सोमा ओयाम उर्फ कोया, लिंगा माड़वी उर्फ गोरगा, दुलगो माड़वी और जोगा माड़वी।
इन सभी कैडरों पर विभिन्न स्तरों पर इनाम घोषित था — जिनमें से कई पीएलजीए बटालियन और कंपनी स्तर के पदों पर कार्यरत रहे हैं।
वर्ष 2025 में अब तक 461 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं, 138 मारे गए और 485 गिरफ्तार हुए हैं। वर्ष 2024 से अब तक जिले में 650 माओवादी आत्मसमर्पण, 196 की मौत और 986 की गिरफ्तारी दर्ज की गई है। राज्य शासन द्वारा आत्मसमर्पित माओवादियों को ₹50,000 की प्रोत्साहन राशि और पुनर्वास सहायता दी जाएगी।
पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव ने कहा —
> “सरकार की पुनर्वास नीति माओवादियों को आकर्षित कर रही है। हिंसा छोड़कर लौटे ये सभी अब लोकतांत्रिक व्यवस्था में सम्मानजनक जीवन जीने का संकल्प ले रहे हैं। हम अन्य माओवादियों से भी अपील करते हैं कि वे भ्रमित विचारधाराओं को त्यागकर समाज में लौटें।”
इस पुनर्वास प्रक्रिया में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, केरिपु-85, केरिपु-199 और कोबरा 210, 201 की टीमों का विशेष योगदान रहा। इस दौरान सीआरपीएफ के डीआईजी बीएस नेगी, उप पुलिस अधीक्षक चंद्रकांत गवर्ना सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।



