Governing Council meeting approves Rs 150 crore for high priority and other priority works
शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन और कौशल विकास को मिलेगी उच्च प्राथमिकता
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित, सांसद-विधायकों सहित अन्य सदस्यगण रहे उपस्थित
रायगढ़ / जिला कलेक्टोरेट स्थित सभाकक्ष में आज कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी की अध्यक्षता में जिला खनिज संस्थान न्यास की शासी परिषद की बैठक आयोजित हुई। बैठक में उच्च प्राथमिकता और अन्य प्राथमिकता वाले कार्यों के लिए 150 करोड़ रुपये का अनुमोदन किया गया। इस अवसर पर लोकसभा सांसद श्री राधेश्याम राठिया, राज्यसभा सांसद श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, खरसिया विधायक श्री उमेश पटेल, धरमजयगढ़ विधायक श्री लालजीत सिंह राठिया, लैलूंगा विधायक श्रीमती विद्यावती सिदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल सहित शासी परिषद के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
बैठक में अनुमोदन की प्रत्याशा में स्वीकृत कार्यों का कार्योत्तर अनुमोदन, प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष प्रभावित ग्रामों की सूची का अनुमोदन, दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की सेवा वृद्धि तथा 150 करोड़ की नई कार्ययोजना का अनुमोदन किया गया। कलेक्टर श्री चतुर्वेदी ने बताया कि छत्तीसगढ़ जिला खनिज संस्थान न्यास नियम 2015 के संशोधन के अनुसार जिले में खनिज खनन पट्टा खदानों की सीमा से 15 किलोमीटर के भीतर स्थित 544 ग्राम प्रत्यक्ष प्रभावित हैं। वहीं 15 से 25 किलोमीटर की परिधि में स्थित 191 अप्रत्यक्ष प्रभावित है। उन्होंने बताया कि जिला खनिज संस्थान न्यास के अंतर्गत 70 प्रतिशत राशि उच्च प्राथमिकता वाले कार्यों पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, महिला एवं बाल विकास, दिव्यांगजन कल्याण, कौशल विकास, स्वच्छता, आवास, कृषि एवं पशुपालन पर खर्च की जाएगी। शेष 30 प्रतिशत राशि भौतिक अधोसंरचना, सिंचाई, ऊर्जा, वाटरशेड विकास और खनन प्रभावित क्षेत्रों में पर्यावरणीय गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रयुक्त होगी।
कलेक्टर ने बताया कि डीएमएफ की क्षमता बढ़ाने और डीएमएफ निधि के प्रभावी उपयोग के लिए तकनीकी, लेखांकन और निगरानी सहायता के लिए एक परियोजना प्रबंधन इकाई स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, वार्षिक आय का 10 प्रतिशत भाग अक्षय निधि के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। उन्होंने शासी परिषद के पूर्व बैठक के अनुमोदित कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। बैठक में शासी परिषद के सदस्यों ने पेयजल, शिक्षा, पर्यावरण संरक्षण व संवर्धन एवं प्रदूषण नियंत्रण के विभिन्न उपायों, कौशल विकास से संबंधित कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का सुझाव दिया। कलेक्टर ने सभी सुझावों को सकारात्मक बताते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को त्वरित कार्ययोजना बनाकर अमल में लाने के निर्देश दिए। बैठक में डीएफओ श्री अरविंद पी.एम., जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अभिजीत बबन पठारे, नगर निगम आयुक्त श्री बृजेश सिंह क्षत्रिय, अपर कलेक्टर डॉ.प्रियंका वर्मा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।



