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पांच एकड़ भूमि चिन्हांकित, जशपुर और आसपास के क्षेत्रों के लिए बड़ी सौगात

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Five acres of land marked, a big gift for Jashpur and surrounding areas

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल : फरसाबहार में खुलेगा सत्यसाईं मातृत्व शिशु अस्पताल

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रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जशपुर जिले की स्वास्थ्य सेवाएं लगातार नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। अब फरसाबहार क्षेत्र में सत्यसाईं मातृत्व शिशु चिकित्सालय एवं अत्याधुनिक बाल हृदय रोग उपचार अस्पताल की स्थापना की जा रही है। यह अस्पताल देश की प्रसिद्ध समाजसेवी संस्था सत्यसाईं ट्रस्ट द्वारा स्थापित किया जाएगा।

अस्पताल के लिए जिला प्रशासन ने पांच एकड़ भूमि का चिन्हांकन कर लिया है। स्थायी भवन निर्माण पूरा होने तक ट्रस्ट द्वारा फरसाबहार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में अस्थायी रूप से अस्पताल का संचालन किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण पहल की घोषणा फरसाबहार में आयोजित आत्मनिर्भर भारत संकल्प शिविर के दौरान की।

मुख्यमंत्री साय ने बताया कि रायपुर स्थित सत्यसाईं अस्पताल पूरे देश में अपने नि:स्वार्थ सेवा कार्यों के लिए जाना जाता है, जहां बच्चों के हृदय रोग का उपचार पूरी तरह निःशुल्क किया जाता है, यहां तक कि अस्पताल में कैश काउंटर तक नहीं है। अब तक वहां 40 हजार से अधिक बच्चों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी स्वयं इस अस्पताल की सेवा भावना से प्रभावित हैं और शीघ्र ही इसका निरीक्षण करने वाले हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री की प्रेरणा से उन्होंने ट्रस्ट से जशपुर जैसे आदिवासी बहुल जिले में स्वास्थ्य सेवा विस्तार का आग्रह किया था, जिसके परिणामस्वरूप ट्रस्ट ने फरसाबहार में अस्पताल स्थापित करने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि यह अस्पताल जिले के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसके शुरू होने से जशपुर सहित ओडिशा और झारखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के बच्चों को भी निःशुल्क और उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त होंगी।

जिले में स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दिसंबर 2023 में पदभार ग्रहण करने के बाद से जशपुर जिले में स्वास्थ्य क्षेत्र में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं—

कुनकुरी मेडिकल कॉलेज : मुख्यमंत्री के पहले बजट में घोषित, जिले का वर्षों पुराना सपना पूरा हुआ। प्रथम चरण में 220 बिस्तरों वाले अस्पताल के लिए ₹32 करोड़ स्वीकृत, 90 पदों की स्वीकृति, चराईडांड में भूमि चिन्हांकित, अस्थायी रूप से राजा देवशरण जिला चिकित्सालय से संचालन की प्रक्रिया जारी।

जगदेव राम उरांव स्मृति चिकित्सालय, जशपुरनगर : ₹35 करोड़ की लागत से निर्माण कार्य प्रगति पर, सीटी स्कैन व अत्याधुनिक आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

गिनाबहार मातृ-शिशु अस्पताल (MCH) : गर्भवती माताओं व नवजात शिशुओं के लिए उच्च स्तरीय केंद्र निर्माणाधीन।

नर्सिंग एवं फिजियोथेरेपी कॉलेज : स्वास्थ्य शिक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम।

कुनकुरी डायलिसिस केंद्र : किडनी रोगियों को निःशुल्क सेवा उपलब्ध।

स्वास्थ्य ढांचे में उन्नयन : 6 उप-स्वास्थ्य केंद्रों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में अपग्रेड किया गया, एंबुलेंसों की संख्या बढ़ाई गई और चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति से सेवा पहुंच में तेजी आई।

मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की संवेदनशील पहल से यह स्पष्ट है कि राज्य सरकार जशपुर को प्रदेश का स्वास्थ्य सेवा मॉडल जिला बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। सत्यसाईं ट्रस्ट के अस्पताल की स्थापना से अब आदिवासी अंचल में भी विश्वस्तरीय, निःशुल्क और सेवा भावना से युक्त चिकित्सा सुविधाएं सुलभ होंगी।

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