*कोतरा जोन में सांसद खेल युवा उत्सव का भव्य समापन ग्रामीण प्रतिभाओं ने दिखाया दमखम*
रायगढ़। कोतरा स्कूल के प्रांगण में सांसद खेल युवा उत्सव का भव्य आयोजन उत्साह और उमंग के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. के. वी. राव तथा विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल के मार्गदर्शन में किया गया।कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं माल्यार्पण कर हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।कार्यक्रम का संचालन सीएससी राजकमल पटेल द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं सधे हुए ढंग से किया गया।आयोजन के सहायक नोडल अधिकारी विनोद सिंह एवं सभी पीटीआई शिक्षकों ने निर्धारित नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुसार प्रतियोगिताओं का संचालन कराया।इस अवसर पर ग्राम पंचायतों के सरपंच, सचिव, विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष मगनलाल पटेल, जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे।विकासखंड शिक्षा अधिकारी संजय पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि खेल जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। यह न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि अनुशासन, टीम भावना और आत्मविश्वास का विकास करता है। खेल व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता और सहयोग की भावना प्रबल करता है, जो एक स्वस्थ और सफल जीवन की ओर अग्रसर करता है।कार्यक्रम के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि तारापुर मंडल अध्यक्ष गौरीशंकर पटेल की गरिमामय उपस्थिति में विजेताओं को पुरस्कार वितरित किए गए। उन्होंने शासन की सांसद खेल युवा महोत्सव योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना युवाओं में खेल के प्रति रुचि जागृत कर रही है तथा ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने का माध्यम बन रही है।उन्होंने कहा कि खेल केवल जीत-हार का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन जीने की एक सकारात्मक सोच है, जो हमें अनुशासित, ऊर्जावान और समाज के प्रति उत्तरदायी बनाती है।कार्यक्रम के अंत में आभार व्यक्त व्याख्याता वीर सिंह ने सभी अतिथियों, मुख्य अतिथियों, सहयोगी अधिकारियों एवं शिक्षकों का तहे दिल से आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि इस आयोजन की सफलता उन सभी शिक्षकों और सहयोगियों के अथक प्रयासों एवं समर्पण का परिणाम है, जिन्होंने खून-पसीना एक कर इस महोत्सव को सफल बनाया।
इस आयोजन को सफल बनाने में खेल प्रभारी आबिद साबरी, युवराज चौधरी, श्रीमती विनीता पानी, पितांबर साव, अनूप कुमार टोप्पो, गेंद कुमार पटेल, धर्मेंद्र सिंह कोरचे, शम्मी पुरसेट तथा श्रीमती कुसुम कांति तिग्गा का विशेष योगदान रहा।
सभी के सहयोग से यह उत्सव ग्रामीण अंचल के युवाओं की प्रतिभा को निखारने और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणादायी पहल बनकर उभरा।



