Home Blog विवेचक उपनिरीक्षक गिरधारी साव की एक और सटीक विवेचना से आरोपी को...

विवेचक उपनिरीक्षक गिरधारी साव की एक और सटीक विवेचना से आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास

0

Due to another accurate investigation by investigating officer Sub Inspector Girdhari Saw, the accused was sentenced to 20 years rigorous imprisonment.

न्यायालय निर्णय: नाबालिग से दुष्कर्म मामले मे आये फैसले से पीड़िता को मिला न्याय

Ro.No - 13672/156

रायगढ़ । न्यायालय फास्ट ट्रैक कोर्ट रायगढ़ के न्यायाधीश श्री देवेन्द्र साहू ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में आरोपी आकाश यादव पिता भुजबल यादव उम्र 21 वर्ष निवासी निगम कॉलोनी, बजरंगपारा, जूटमिल को दोषसिद्ध पाते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास एवं ₹5000 के अर्थदंड से दंडित किया है। इस प्रकरण में अभियोजन की ओर से अपर लोक अभियोजक श्री मनमोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की, वहीं प्रकरण की विवेचना उपनिरीक्षक गिरधारी साव, थाना जूटमिल द्वारा अत्यंत तत्परता और विधिसम्मत ढंग से की गई, जिनकी सूझबूझ और सटीक कार्यवाही से आरोपी को सजा दिलाने में सफलता मिली।

घटना 10 जुलाई 2024 की रात की है। प्रकरण दर्ज कराते हुए पीड़िता की बड़ी बहन ने दिनांक 11 जुलाई को थाना जूटमिल में रिपोर्ट (324/2024 धारा 64 बीएनएस 4 पॉक्सो एक्ट) दर्ज कराई थी कि उसके साथ रह रही नाबालिग बहन के साथ आरोपी आकाश यादव ने दुष्कर्म किया। घटना की गंभीरता को देखते हुए तत्कालीन थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के निर्देशन में महिला पुलिस अधिकारी दीपिका निर्मलकर द्वारा पीड़िता का कथन दर्ज कराया गया। आगे की विवेचना उपनिरीक्षक गिरधारी साव को सौंपी गई।

उपनिरीक्षक गिरधारी साव ने नए आपराधिक कानूनों के प्रावधानों का पालन करते हुए पूरे प्रकरण में क्रमबद्ध और सशक्त विवेचना की। उन्होंने मौके का निरीक्षण, घटनास्थल की वीडियोग्राफी, साक्ष्य संकलन, आरोपी की शीघ्र गिरफ्तारी तथा सभी दस्तावेजों को पूर्ण विधिक रूप में तैयार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया। विवेचक द्वारा पीड़िता की उम्र संबंधी ठोस साक्ष्य और अन्य गवाहों के कथन को समय पर प्रस्तुत किए जाने से अभियोजन पक्ष मजबूत बना रहा, जिसके परिणामस्वरूप न्यायालय ने 4 नवंबर को आरोपी को दोषी ठहराया।

पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा जिले में लंबित व गंभीर अपराधों में त्वरित विवेचना एवं दोषसिद्धि सुनिश्चित करने के दिए गए निर्देशों के अनुरूप जूटमिल पुलिस की यह कार्यवाही एक मिसाल बनी है। विवेचक उपनिरीक्षक गिरधारी साव की मेहनत, सटीक जांच और साक्ष्य संकलन के कारण यह मामला डेढ़ वर्ष के भीतर ही निर्णायक परिणाम तक पहुंचा और पीड़िता को न्याय मिला।
रायगढ़ पुलिस की इस सफलता ने फिर सिद्ध कर दिया कि न्याय और संवेदनशीलता के मामलों में पुलिस की सतर्कता और विवेचकों की दक्षता ही न्यायिक परिणामों की सबसे मजबूत कड़ी है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here