Healthy and happy families – this dream will come true only with male participation
पुरुष नसबंदी पखवाड़ा: प्रचार-प्रसार रथ को दिखाई गई हरी झंडी
रायगढ़ / शासन के निर्देशानुसार एवं कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में जिले में पुरुष नसबंदी पखवाड़ा 4 दिसंबर तक संचालित किया जा रहा है। पखवाड़े का मुख्य उद्देश्य परिवार नियोजन में पुरुषों की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना, गुणवत्तापूर्ण सेवाएँ सुनिश्चित करना तथा नसबंदी से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को दूर करना है। इस वर्ष पखवाड़ा “स्वस्थ एवं खुशहाल परिवार-पुरुष सहभागिता से ही होगा यह सपना साकार” थीम पर केंद्रित है।
इसी क्रम में पखवाड़े के सफल संचालन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने जिला चिकित्सालय से जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर पुरुष नसबंदी से संबंधित सही जानकारी लोगों तक पहुंचाएगा। इस अवसर पर डीएचओ डॉ. भानू प्रताप पटेल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक सुश्री रंजना पैंकरा एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. राजेश मिश्रा मौजूद रहे।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार जगत ने बताया कि पुरुष नसबंदी एक सुरक्षित, बिना चिरा-बिना टांका और तेज प्रक्रिया है, जिसकी सफलता दर 99 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि नसबंदी का किसी भी प्रकार की यौन क्षमता या शारीरिक क्षमता पर कोई दुष्प्रभाव नहीं पड़ता। यह निर्णय परिवार की आर्थिक स्थिरता, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि पखवाड़ा के तहत सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं जिला अस्पताल में विशेष पुरुष नसबंदी शिविर, प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा नो-स्केल्पेल नसबंदी तकनीक से निःशुल्क सेवाएं, आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा गांव-गांव एवं वार्डों में परामर्श व जागरूकता अभियान, पुरुष नसबंदी करवाने वाले पात्र दंपत्तियों को सरकार द्वारा निर्धारित प्रोत्साहन राशि, प्रेरकों को भी प्रोत्साहन राशि-परिवार नियोजन से जुड़े मिथकों को दूर करने हेतु रैलियाँ, बैठकें, संवाद कार्यक्रम व जन-जागरूकता गतिविधियाँ आयोजित की जा रही है।
पुरुष नसबंदी सेवाएँ एवं संबंधित परामर्श पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध हैं। इच्छुक दंपत्ति अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी, पीएचसी) या जिला अस्पताल में संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं। सीएमएचओ डॉ.जगत ने जिले के सभी पात्र दंपत्तियों, विशेषकर पुरुषों से आग्रह किया है कि परिवार नियोजन की जिम्मेदारी साझा करें। छोटा परिवार-सुखी परिवार की अवधारणा को अपनाते हुए, सुरक्षित और प्रभावी विकल्प के रूप में पुरुष नसबंदी का लाभ उठाएँ।



