*प्रमोद अवस्थी मस्तूरी*
मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के मल्हार स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय में 10वीं कक्षा के छात्र हर्षित यादव की इलाज में देरी से मौत के बाद अब विरोध तेज हो गया है। घटना के दो दिन बाद सोमवार को सैकड़ों छात्र छात्राएं विद्यालय गेट के बाहर सड़क पर उतर आए और प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्र छात्राएं का आरोप है कि हर्षित की तबीयत बिगड़ने के बावजूद समय पर उपचार नहीं कराया गया और न ही एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई, जिसके कारण उसकी स्थिति गंभीर होती चली गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
छात्रों ने कहा कि हॉस्टल की स्थिति बेहद खराब है—टॉयलेट जर्जर हैं, दीवारों में सीपेज है, पंखे टूटे हुए हैं और सफाई व्यवस्था बेहद लचर है। छात्रों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद स्कूल प्रबंधन ने कोई कार्रवाई नहीं की और समस्या उठाने पर उन्हें डांटकर चुप करा दिया जाता था। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह भी कहा कि 500 विद्यार्थियों के लिए केवल 3 सफाई कर्मी हैं, जिससे हॉस्टल और शौचालयों में बदबू और गंदगी हमेशा बनी रहती है।
इस दौरान कई छात्रों ने बताया कि आज प्री-बोर्ड परीक्षा होने के बावजूद वे मजबूर होकर सड़क पर उतरे हैं, क्योंकि लगातार अनदेखी के कारण अब उनका सब्र खत्म हो चुका है। छात्रों ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं परिजनों ने भी नवोदय प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इस घटना के बाद नवोदय विद्यालय की व्यवस्था, प्रशासनिक निगरानी और मेडिकल सुविधा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। अब प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नज़रें टिकी हैं। पढ़ने वाले छात्र-छात्राएं अगर सड़क पर आए है तो यह बहुत बड़ी दुर्भाग्य है।



