अब ईसाई स्कूल – अस्पताल खोलने तक सर्व समाज ने कार्रवाई की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
कांकेर । नरहरपुर नगर के वार्ड क्रमांक 1 एवं वार्ड क्रमांक 11 में ईसाई समुदाय द्वारा बिना अनुमति संचालित चर्च और प्रार्थना सभा को लेकर नागरिकों एवं सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने नगर पंचायत नरहरपुर में विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की तथा नरहरपुर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि नरहरपुर पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र है, जहाँ आदिवासी संस्कृति, परंपरा और ग्राम-देवस्थानों को संवैधानिक रूप से विशेष संरक्षण प्राप्त है, परंतु इसके बावजूद इन क्षेत्रों में बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के धार्मिक गतिविधियाँ चलाई जा रही हैं। शिकायतकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यह केवल धार्मिक सभा नहीं बल्कि अवैध धर्मांतरण के उद्देश्य से चल रही संगठित गतिविधियों का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसके चलते “सर्व समाज” ने सामूहिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज कराया है।
नागरिकों ने यह भी बताया कि ईसाई समुदाय द्वारा स्थानीय देवी-देवताओं, ग्राम शीतला माता और पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों को न मानने से सामाजिक असंतुलन और सांस्कृतिक विचलन उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने एक अन्य आवेदन में गंभीर आपत्ति उठाई कि इसी स्थान पर ईसाई समुदाय द्वारा निजी स्कूल और अस्पताल खोलने के लिए अनुमति एवं NOC लेने की प्रक्रिया भी चलाई जा रही है। सर्व समाज के पूर्व अनुभवों के आधार पर यह आशंका नहीं बल्कि स्पष्ट विश्वास व्यक्त किया गया है कि ऐसे संस्थान भविष्य में सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों को प्रभावित कर धीरे-धीरे धर्मांतरण की दिशा में मोड़ने के साधन के रूप में उपयोग किए जा सकते हैं। ज्ञापन में मांग की गई है कि अवैध रूप से संचालित चर्च और प्रार्थना सभाओं को तत्काल बंद कराया जाए, ईसाई स्कूल और अस्पताल खोलने की अनुमति न दी जाए, यदि कोई प्रारंभिक NOC जारी हुई हो तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए, और स्थानीय संस्कृति, पाँचवीं अनुसूची अधिकारों तथा सार्वजनिक भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
इस संदर्भ में सर्व समाज के सक्रिय सदस्य ईश्वर कावड़े, ने कहा कि नरहरपुर जैसे पाँचवीं अनुसूची क्षेत्र में किसी भी प्रकार की बिना अनुमति धार्मिक गतिविधि, प्रार्थना सभा या संस्थान की स्थापना न केवल अवैध है बल्कि स्थानीय आदिवासी समाज की सांस्कृतिक सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। उन्होंने कहा कि सर्व समाज किसी भी प्रकार के अवैध धर्मांतरण, लालच आधारित गतिविधियों अथवा बाहरी धार्मिक हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा, और जब तक प्रशासन इस प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई नहीं करता, विरोध और आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने समाज को यह भी संदेश दिया कि अपने देवस्थानों, परंपराओं और सामाजिक ताने-बाने की रक्षा करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है और ऐसे किसी भी प्रयास को समय रहते रोकने में समाज को एकजुट होना चाहिए। ईश्वर कावड़े ने प्रशासन से अपेक्षा व्यक्त की कि शिकायत की तत्काल जांच की जाए, अवैध गतिविधियों को रोका जाए और जांच की संपूर्ण प्रक्रिया समाज के सामने पारदर्शी रूप से प्रस्तुत की जाए।
ज्ञापन सौंपने वालों में कमल किशोर कश्यप, दिनेश पटेल, राजेश, मनोज ध्रुव, आस्करण ध्रुव, जगदीश ध्रुव, रामप्रसाद, कमल सिंह नाग, पांचू राम, श्यामलाल साहू सहित सर्व समाज के बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।



