Legal literacy camp organized at Paluram Dhanania College
रायगढ़ / राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं छ.ग. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के निर्देशन में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार जैन के मार्गदर्शन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ न्यायाधीश/सचिव श्रीमती अंकिता मुदलियार के नेतृत्व में संविधान दिवस के उपलक्ष्य पर पालूराम धनानिया कॉलेज रायगढ़ मे विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
आयोजित इस शिविर में पालूराम धनानिया कॉलेज में उपस्थित छात्र-छात्राओं को प्रथम चरण में प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री जितेन्द्र कुमार जैन अपने उद्बोधन में बताया कि संविधान की प्रस्तावना पूरे संविधान का सार है। भारतीय नागरिक संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जैसे नये कानून के बारे में बताया गया। आगे संविधान के उद्देशिका पर महत्वपूर्ण रूप से प्रकाश डालते हुए बताया गया कि उद्देशिका में संप्रभुत्ता समाजवाद धर्मनिरपेक्षताएं लोेकतंत्र और गणतंत्र शामिल हैं तथा संविधान का मुख्य उद्देश्य न्याय स्वतंत्रताएं समानता और बंधुत्व की प्राप्ति करना है। दूसरे चरण में जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश एफ.टी.एस.सी. पॉक्सो रायगढ़ श्री देवेन्द्र साहू ने बताया कि भारत का संविधान भारत का सर्वोच्च विधान है जो संविधान सभा द्वारा 26 नवम्बर 1949 को पारित हुआ और 26 जनवरी 1950 से प्रभावी हुआ है। इस दिन को 26 नवम्बर भारत के संविधान दिवस के रूप में घोषित किया गया है। इसके साथ ही संविधान दिवस को पूरे जिले में प्रभावी बनाने हेतु जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष के निर्देशानुसार पैरालीगल वालिंटियरों के द्वारा जिले के विभिन्न स्थानों पर संविधान दिवस के उपलक्ष्य पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। उक्त शिविर में उपस्थित पालूराम धनानिया कॉलेज के प्राचार्य एवं समस्त स्टॉफ, छात्र-छात्राएं तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के पैरालीगल वालिंटियर उपस्थित रहे।



