District BJP minister Rathu Gupta said, “Five years of conspiracy now exposed, farmers will get direct economic benefit from increased rates.”
जमीन गाइडलाइन दर बढ़ने से किसानों को बड़ी राहत, विपक्ष में मचा हड़कंप
रायगढ़। प्रदेश में जमीनों के गाइडलाइन दरों में वृद्धि के निर्णय ने राजनीतिक सरगर्मी तेज कर दी है। जहां एक ओर किसान और आम नागरिक इस फैसले को राहत के रूप में देख रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों में बेचैनी स्पष्ट दिखाई दे रही है। इसी मुद्दे पर जिला भाजपा मंत्री रत्थु गुप्ता ने विपक्ष को कठघरे में खड़ा करते हुए तीखे आरोप लगाए हैं।
रत्थु गुप्ता ने कहा कि किसानों की जमीन का वास्तविक मूल्य बढ़ाए जाने से विपक्ष के पेट में मरोड़ उठ गया है, क्योंकि वर्षों से जमीनों के रेट को जानबूझकर दबाकर रखा गया था। उन्होंने बताया कि पहले जमीनों की खरीद–बिक्री महज 10 प्रतिशत पुराने रेट पर की जा रही थी, जिससे किसान अपने ही हक का उचित मूल्य नहीं पा रहे थे।
उन्होंने दावा किया कि विपक्ष ने पिछले पांच वर्षों तक जमीन गाइडलाइन दर नहीं बढ़ने देने की साजिश रची, ताकि भू-माफियाओं को फायदा मिले और किसान कमजोर बने रहें। रत्थु गुप्ता ने कहा कि गाइडलाइन दर कम रहने से अधिग्रहण के दौरान किसानों को सीधा आर्थिक नुकसान होता था।
उन्होंने आगे कहा
“सरकार ने सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए यह पूरी तरह तार्किक और किसान हित में फैसला लिया है। बढ़े दरों से मध्यम वर्गीय लोगों की संपत्ति का मूल्य भी बढ़ा है, जिससे उन्हें लोन के रूप में अधिक राशि मिल सकेगी।”
गाइडलाइन दरों में वृद्धि से जहां किसान अपनी जमीन का बेहतर दाम पा सकेंगे, वहीँ आम नागरिकों की संपत्तियों का मूल्य भी बढ़ेगा। रत्थु गुप्ता ने कहा कि इस फैसले से भू-माफियाओं के कुचक्र पर भी लगाम लगेगी और किसानों के शोषण की संभावनाएं कम होंगी।
उन्होंने अंत में कहा कि गाइडलाइन दर वृद्धि का विरोध करने वाले वे लोग हैं जिन्हें पारदर्शिता और किसानों की आर्थिक उन्नति से परेशानी है।
“यह फैसला किसानों की सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा को मजबूत करेगा और भविष्य में जमीन संबंधी लेन-देन को ज्यादा निष्पक्ष बनाएगा।”



