Motivational dialogue by CGPSC selected youth at Swami Atmanand School of Excellence, boosting confidence among students
जाँजगीर चांपा- स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय क्रमांक-02, जांजगीर में आज एक प्रेरणादायी संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें क्षेत्र के दो प्रतिभाशाली युवाओं रंति देव राठौर और सागर राठौर को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया। दोनों ही युवाओं ने हाल ही में छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की प्रतिष्ठित परीक्षा में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त करते हुए क्रमशः नायब तहसीलदार तथा अकाउंट ऑफिसर पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
विद्यालय परिवार द्वारा आयोजित इस संवाद कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रति जागरूक करना, लक्ष्य निर्धारण के लिए प्रेरित करना तथा जीवन में सफलता की दिशा में सकारात्मक सोच विकसित करना था। कार्यक्रम की शुरुआत विद्यालय प्रमुख द्वारा दोनों चयनित उम्मीदवारों का विद्यालय के प्राचार्य जी पी चौरसिया और व्याख्याता सैय्यद रफ़ीक़ के द्वारा पुष्पगुच्छ एवं शाल से सम्मान कर स्वागत करते हुए हुई।
अपने प्रेरक उद्बोधन में श्री देव राठौर ने विद्यार्थियों को बताया कि सफलता किसी एक दिन का परिणाम नहीं होती, बल्कि लगातार परिश्रम, अनुशासन, समय प्रबंधन और दृढ़ इच्छाशक्ति से प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित अध्ययन की आदत विकसित करने, हर विषय को ध्यानपूर्वक समझने और प्रतियोगी परीक्षाओं को एक अवसर के रूप में देखने की सलाह दी।
इसी प्रकार, श्री सागर राठौर ने अपने छात्र जीवन से जुड़े अनुभव साझा करते हुए कहा कि आज के समय में ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के विद्यार्थियों में समान अवसर उपलब्ध हैं — आवश्यकता केवल सही दिशा और सकारात्मक दृष्टिकोण की होती है। उन्होंने विद्यार्थियों को मोबाइल और सोशल मीडिया के सीमित उपयोग, नियमित रिवीजन और आत्मविश्वास बनाए रखने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के विभिन्न कक्षाओं के विद्यार्थियों ने अनेक जिज्ञासापूर्ण प्रश्न पूछे — जैसे कि तैयारी की रणनीति, कठिन विषयों से निपटने के तरीके, अध्ययन के लिए आवश्यक संसाधन, मानसिक दबाव को कैसे संभालें, तथा CGPSC के विभिन्न चरणों की तैयारी कैसे करें।
दोनों चयनित अधिकारियों ने सहज, स्पष्ट और प्रेरक उत्तर देते हुए बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।
इस पुरे कार्यक्रम का संयोजन और संचालन व्याख्याता सैयद रफीक ने किया।
उनका यह प्रयास निश्चित रूप से विद्यालय के बच्चों में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए समझ विकसित करेगी और बच्चों को उनके लक्ष्य निर्धारण करने में भी सहायक साबित होंगी।
विद्यालय के शिक्षकों ने भी भविष्य की शैक्षणिक दिशा, अध्ययन कौशल और प्रतियोगी परीक्षाओं के स्तर पर मार्गदर्शन संबंधी प्रश्न प्रस्तुत किए, जिनका दोनों अतिथियों ने विस्तृत उत्तर देते हुए विद्यालयी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का समापन विद्यालय प्राचार्य द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें उन्होंने कहा कि ऐसे सफल युवा जब बच्चों से सीधे संवाद करते हैं तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे बड़े सपने देखने का साहस प्राप्त करते हैं। उन्होंने दोनों चयनित अधिकारियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ देते हुए विद्यालय में आने के लिए आभार व्यक्त किया।
इस प्रकार का आयोजन न सिर्फ विद्यार्थियों में जागरूकता और प्रेरणा जगाता है, बल्कि उन्हें यह समझने का अवसर भी देता है कि निरंतर प्रयास और दृढ़ निश्चय से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। विद्यालय परिवार ने भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित करने की इच्छा व्यक्त की।
इस पुरे कार्यक्रम में विशेष रूप से विद्यालय की उप प्राचार्य मधु नायक, व्याख्याता किरण लहरे, संदीप राठौर, प्रीतिका तरुण, नेहा मिश्रा, संजू लेदर, सुनीता श्रीवास्तव, भूमिका देवांगन, सुनीला साहू, संजय पात्रे, नीरज, शम्भूमती सभी ने विशेष योगदान दिया।



