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धान खरीदी केंद्र एरमसाही में भारी गड़बड़ी

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*ऑनलाइन टोकन के लिए किसानों को हो रही भारी परेशानी*

छत्तीसगढ़ शासन द्वारा समर्थन मूल्य पर धान खरीदी विगत दिनों से चालू की गई है। मस्तूरी विधानसभा क्षेत्र के धान खरीदी केंद्र एरमसाही में किसानों को अत्यधिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है जिससे किसान अपने आप को ठगा महसूस कर रहे हैं।

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*किसानों के धान में डाका*
खरीदी केंद्र एरमसाही में हर किसानों के प्रति बोरे में 40 किलो के बजाय 41.500,41.800, ज्यादा धान लिया जा रहा है जो यह दर्शाता है कि किसानों के खून पसीने के कमाई में डाका डालने के समान हैं।

*टोकन के लिए लगाना पड़ रहा है चक्कर*
किसानों का कहना है कि हम लोग खरीदी केंद्र का कई बार चक्कर लगा रहे हैं लेकिन टोकन नहीं मिल पा रहा है जिससे हम काफी परेशान एवं आहत हैं। शासन को चाहिए कि लिमिट बढ़ाकर हमारी समस्याओं का निदान करें ताकि हम आसानी से अपनी मेहनत की कमाई धान को केंद्र में लाकर बेच सकें।

*एरमसाही खरीदी केंद्र में प्रभारी नहीं*
धान खरीदी केंद्र एरमसाहीमें रंजीत कुमार को शासन द्वारा एरमसाही केंद्र का प्रभारी नियुक्त किया गया है। लेकिन वर्तमान अध्यक्ष दुर्गा पटेल और रंजीत कुमार के आपसी मनमुटाव के कारण बिना खरीदी प्रभारी के खरीदी केंद्र में मनमानी जोर शोर से चल रही है।
संस्था प्रबंधक बबलू लहरें ने बताया कि मैंने अध्यक्ष महोदय को जानकारी दिया था लेकिन उन्होंने रंजीत कुमार को चार्ज नहीं दिया।
दुर्गा पटेल ने बताया कि मुझे संस्था प्रबंधक द्वारा और ना ही रंजीत कुमार द्वारा लेटर नहीं दिया गया मैं चार्ज देने को तैयार हूं लेकिन कल दूंगा।

सहकारिता सीईओ गोधूलि वर्मा ने कहां की रंजीत कुमार को कलेक्टर कार्यालय से प्रभारी नियुक्त किया गया है लेकिन अध्यक्ष दुर्गा पटेल ने उन्हें अभी तक चार्ज नहीं दिया उससे मैं बात करके आगे की कार्रवाई करूंगी।
रही बात किसानों से माप से अधिक धान लेने की तो वह सरासर गलत है।

सरपंच प्रतिनिधि मेघनाथ खांडेकर ने कहा कि प्रबंधक तथा अध्यक्ष के द्वारा आपसी मनमुटाव के कारण बिना प्रभारी के आपरेटर द्वारा धान खरीदी किया जा रहा है उसके कारण किसानों को भारी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है किसानों ने उन्हें बताया है कि उन्हें टोकन के लिए पैसे का मांग किया जाता है तथा किसानों से तुम्हारा धान गिला है नमी है करके किसानों से माप से अधिक धान लिया जा रहा है जो सरासर गलत है। शासन को इसमें जल्द से जल्द निराकरण करते हुए किसानों को तकलीफों से निजात दिलाए।

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