The absconding accused who stole pipes and equipment from the hospital was arrested and sent on remand.
रायगढ़ । बड़े अतरमुडा मांझापारा स्थित निर्माणाधीन कल्याण अस्पताल में लगातार हो रही कॉपर पाइप और अन्य उपकरणों की चोरी के मामले में चक्रधरनगर पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए फरार आरोपी विशाल गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर भेजा गया। इस संगठित चोरी में कुल चार आरोपी शामिल थे, जिनमें से नंदू दास महंत, अंशुल पंजवानी और चंदन राय को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर रिमांड पर भेज चुकी है।
अस्पताल निर्माण कार्य से जुड़े डॉ. बेदप्रकाश पटेल ने 20 नवंबर को रिपोर्ट दर्ज कराई कि 15 नवंबर से लगातार अज्ञात चोर ऑक्सीजन पाइपलाइन काटकर ले जा रहे हैं। 20 नवंबर की रात करीब 12.30 बजे कंप्यूटर ऑपरेटर ईश्वर प्रसाद निराला और ड्राइवर भुनेश्वर गबेल मौके पर पहुंचे, जहां दो युवक चोरी करते हुए पकड़ाए। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम नंदू दास महंत और अंशुल पंजवानी बताया, जिसके बाद डायल 112 की टीम मौके पर पहुंचकर दोनों को हिरासत में ले गई।
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि नंदू दास महंत अपने साथियों विशाल गुप्ता और चंदन राय के साथ मिलकर कई दिनों से अस्पताल में लगी ऑक्सीजन पाइप, कॉपर वायर और उपकरणों को काटकर चोरी कर बेच रहा था। चोरी की गई सामग्री को आरोपी दो अलग-अलग फेरीवालों के माध्यम से बेचते और प्राप्त राशि आपस में बांटकर खर्च कर देते थे। पुलिस ने आरोपियों से कुल ₹2,22,162 मूल्य का भारी सामान बरामद किया, जिसमें 6 बंडल कॉपर पाइप, ऑक्सीजन मेन फोल्ड, ऑक्सीजन आउटलेट, वैक्यूम आउटलेट, ग्लाइडर मशीन, ड्रिल मशीन, 2 बंडल कॉपर वायर, दो सीलिंग फैन और अन्य सामग्री शामिल है।
जांच के दौरान फरार आरोपी चंदन राय को भी देर रात गिरफ्तार किया गया। तीनों आरोपियों के मेमोरेंडम पर चोरी में प्रयुक्त स्कूटी CG 13 AU 1765, काटे गए तांबे के पाइप, ऑक्सीजन की-बोर्ड, प्लास और करीब 4 किलो तांबे के टुकड़े बरामद किए गए। संगठित रूप से चोरी की वारदात को अंजाम दिए जाने पर पुलिस ने प्रकरण में धारा 112(2) बीएनएस का भी विस्तार किया है।
आज मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने चौथे फरार आरोपी विशाल गुप्ता पिता स्व. रामदेव गुप्ता (उम्र 23 वर्ष), निवासी आईटीआई कॉलोनी, हाउसिंग बोर्ड गोवर्धनपुर शराब दुकान के पास को गिरफ्तार किया गया जिससे चोरी कॉपर पाईप के टुकडे बरामद कर रिमांड पर भेजा। पूरे प्रकरण के खुलासे में प्रभारी थाना चक्रधरनगर उपनिरीक्षक गेंदलाल साहू, प्रधान आरक्षक श्यामदेव साहू, आरक्षक संतोष कुर्रे तथा डायल 112 की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।



