Six families in Kuralthimali village in the Jamgaon area have returned home after 12 years, renouncing Christianity and returning to their original faith.
नरहरपुर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नरहरपुर तहसील क्षेत्र के ग्राम कुरालठीमली (जामगांव अंतर्गत) में आज एक महत्वपूर्ण सामाजिक बैठक हुई। इस बैठक में 6 परिवारों के कुल 26 सदस्यों ने 12 वर्ष पूर्व अपनाया गया ईसाई धर्म त्याग कर अपने मूल धर्म और समाज में वापसी की है।
ये परिवार लगभग 12 साल पहले इलाज और बीमारी ठीक होने की उम्मीद में मतांतरित होकर ईसाई धर्म से जुड़े थे। हालांकि, बीमारी ठीक न होने पर उन्होंने वापस अपने मूल धर्म में लौटने का निर्णय लिया।
इलाज के नाम पर हुआ था धर्मांतरण
मूल धर्म में वापसी करने वाले कृष्ण मरकाम ने बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी की बीमारी ठीक होने की कामना से ईसाई धर्म अपनाया था। उन्होंने कहा, “जब हमारी आस्था से हमें अपेक्षित लाभ नहीं मिला, तो हमने अपने मूल धर्म में वापस आने का निर्णय लिया। हम 16 परिवारों में से थे, जिनमें से आज 6 परिवार अपने मूल धर्म में लौट आए हैं।”
वापसी करने वाले परिवार
पार्वती मरकाम (6 सदस्य), सोनाराम नेताम (3), कृष्णा मरकाम (4), शिवचरण भंडावी (6), पुमित कुंजाम (3), और सुरेखा मरकाम (4) शामिल हैं।
सर्व समाज ने पगड़ी पहनाकर किया स्वागत
शुक्रवार को सर्व समाज और गोंडवाना समाज के पदाधिकारियों ने एक बैठक आयोजित कर इन परिवारों का गुलाल बंधन और पगड़ी पहनाकर का स्वागत किया। इस अवसर पर गोंडवाना समाज क्षेत्र अध्यक्ष रामलाल कावड़े ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि 12 वर्ष पहले बिछड़े हुए लोग वापस अपने समाज में लौटे हैं।
सर्व समाज के अध्यक्ष का बयान
सर्व समाज के अध्यक्ष कमल किशोर ने धर्मांतरण की गतिविधियों पर चिंता जताते हुए कहा कि भोले-भाले लोगों को बहला-फुसलाकर धर्मांतरण कराया जा रहा है, जिससे हमारे समाज और भाईचारे में फूट पड़ रही है। उन्होंने सभी समाज से इन गतिविधियों को रोकने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया।
बाइबल को नदी में ले जाकर ठंडा कर दिया गया
इन परिवारों की वापसी को देखते हुए ईश्वर कावड़े ने कहा कि इन लोगों ने बाइबल को नदी में ले जाकर ठंडा कर दिया है और अपने मूल धर्म में वापस आकर उन्होंने सही निर्णय लिया है। इस परिवार को बहुत-बहुत धन्यवाद अपने मूल धर्म में आए।
14 दिसंबर रविवार को होगा महत्वपूर्ण कार्यक्रम कांकेर नहरदेव मैदान से निकला जाएगा रैली
ईश्वर कावड़े ने घोषणा की कि 14 दिसंबर, रविवार को ईसाई मतांतरण और धर्मांतरण जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने के संबंध में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम तय किया गया है, जिसमें रैली के माध्यम से निकला जाएगा। सर्व समाज के द्वारा सभी संगठन उपस्थित रहेंगे, जिसमें उन्होंने सभी समाज के लोगों से अपनी उपस्थिति सुनिश्चित करने का आग्रह किया है।
उपस्थित पदाधिकारी
रामलाल कावड़े (गोंडवाना समाज क्षेत्र अध्यक्ष), शंकर शोरी (उपाध्यक्ष), गोमा राम कोसा (संरक्षक), गन देव टेकाम (कोषाध्यक्ष), सुमित राम शोरी (सचिव), हेमन्त मंडावी (सहसचिव) रामचंद्र मंडावी, हत्तू राम नेताम, विश्वनाथ शोरी, सोहनलाल शोरी, जोहिल राम शोरी, अखिल राम शोरी, राजकुमार नेताम, बाबू सिंग मरकाम, गोविन्द मरकाम कचरी बाई नेताम (सरपंच), शिवरंजना नेताम (सरपंच), शिशुपाल वडोरे (उपसरपंच), कमल किशोर सर्व समाज (अध्यक्ष), टंकेश्वर जैन, ईश्वर कावड़े, उत्तम जैन, धनेंद्र ठाकुर, सदाशिवलाल सोनवानी, गौरव शोरी, नरेंद्र नाग, गोकुल शोरी आदि उपस्थित रहे।



