Representatives from all communities held a meeting on the issue of religious conversion and will submit a memorandum to the President, Prime Minister, Governor, and Chief Minister.
नरहरपुर। कांकेर जिले में धर्मांतरण की कथित गतिविधियों पर चिंता व्यक्त करते हुए, सर्व समाज के विभिन्न संगठनों ने बुधवार, 10 दिसंबर को एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया। बैठक में समाज के पदाधिकारियों और प्रमुख सदस्यों ने हिस्सा लिया और इस संवेदनशील मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की तथा अपनी सामूहिक रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
बैठक में उपस्थित सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने एक स्वर में धर्मांतरण की कथित गतिविधियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। पदाधिकारियों ने विचार रखे कि इस प्रकार की गतिविधियाँ सामाजिक सद्भाव और स्थानीय संस्कृति पर नकारात्मक प्रभाव डाल रही हैं। यह तय किया गया कि इस मुद्दे की गंभीरता को उच्चतम प्रशासनिक और राजनीतिक स्तर तक पहुंचाना आवश्यक है।
सामाजिक समरसता पर प्रभाव: वक्ताओं ने कहा कि जबरन या प्रलोभन द्वारा किए जा रहे धर्मांतरण से ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में वर्षों से स्थापित सामाजिक समरसता को खतरा उत्पन्न हो रहा है।
स्थानीय संस्कृति और परंपरा: चर्चा का मुख्य केंद्र बिंदु यह भी रहा कि इस तरह की गतिविधियाँ स्थानीय आदिवासियों और अन्य समाजों की अद्वितीय संस्कृति और परम्पराओं को नुकसान पहुंचा रही हैं, जिसे संरक्षित करना अत्यंत आवश्यक है।
सर्व समाज ने सामूहिक रूप से इस मुद्दे को उठाने और प्रशासन व सरकार का ध्यान आकर्षित करने का निर्णय लिया है। इसके तहत निम्नलिखित उच्चाधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा:
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल,मुख्यमंत्री, सर्व समाज के पदाधिकारियों ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी (एस.डी.ओ.) को भी इस संबंध में सूचित कर दिया गया है।
इस गंभीर विषय पर शासन-प्रशासन का ध्यान केंद्रित करने के लिए सर्व समाज द्वारा 14 दिसंबर, रविवार को कांकेर में एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया जाएगा। रैली में अधिक से अधिक लोगों से शामिल होने की अपील की गई है ताकि इस मुद्दे की व्यापकता को दर्शाया जा सके।



