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मुसुरपुट्टा में पुलिस के संरक्षण में गौ तस्करी दो पिकअप वाहनें शामिल; ग्रामीणों में भारी आक्रोश

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Cattle smuggling taking place under police protection in Musurputta; two pickup trucks involved; villagers express strong outrage.

नरहरपुर । कांकेर जिला के नरहरपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम मुसुरपुट्टा में मवेशी बाजार की आड़ में चल रही गौ तस्करी को लेकर एक बड़ा और गंभीर खुलासा हुआ है। स्थानीय ग्रामीणों ने सीधे तौर पर पुलिस प्रशासन पर भ्रष्टाचार और गौ तस्करों को संरक्षण देने का संगीन आरोप लगाया है। ग्रामीणों का दावा है कि यह अवैध धंधा पुलिस की खुली मिलीभगत और संरक्षण में चल रहा है, जिसके कारण शिकायत के बावजूद तस्कर हर बार बच निकलने में कामयाब हो जाते हैं।

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ग्रामीणों ने इस अवैध धंधे में लगातार इस्तेमाल हो रहीं दो पिकअप वाहनों के नंबर सार्वजनिक किए हैं, जिन पर खुलेआम गायों की तस्करी का आरोप है CG04PN6374 /CG04PH7882

आरोप है कि इन वाहनों का इस्तेमाल गौ तस्कर बेखौफ तरीके से गायों को अवैध रूप से ले जाने के लिए कर रहे हैं। तस्करी का यह सिलसिला मुख्य रूप से जामगांव रोड से घोटियावाही रोड के रास्ते संचालित किया जा रहा है, जहां गायों को भर-भर के ले जाया जाता है।

स्थानीय लोगों का सबसे गंभीर आरोप पुलिस पर है। ग्रामीणों का कहना है कि जब भी वे सीधे थाना प्रभारी को इन वाहनों और तस्करी की पुख्ता सूचना देते हैं, तो कार्रवाई करने के बजाय पुलिस विभाग के ही कुछ कर्मचारी/अधिकारी तस्करों को तुरंत फोन पर खबर कर देते हैं।

“हम बार-बार पुलिस को पिकअप (नंबर CG04PN6374 और CG04PH7882) की जानकारी देते हैं, लेकिन हर बार तस्करों को पहले ही खबर मिल जाती है। यह साफ है कि पुलिस के लोग ही इस अवैध धंधे में शामिल हैं।”

ग्रामीणों ने दावा किया कि इसी ‘सूचना लीक’ के कारण दोनों पिकअप वाहन हर बार पुलिस के आने से पहले ही मौके से गायब हो जाती हैं। ग्रामीणों का मत है कि यह बेखौफ और निर्बाध तस्करी पुलिस के संरक्षण के बिना संभव नहीं है।

जानकारी के अनुसार, गौ तस्करी में शामिल CG04PH7882 वाहन को लेकर पहले भी विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सूचित किया था। हालांकि, इतने गंभीर इनपुट के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जो पुलिस की निष्क्रियता और कथित मिलीभगत पर और बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है।

पुलिस की इस निष्क्रियता और कथित मिलीभगत से मुसुरपुट्टा और आस-पास के गांवों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने गौ तस्करी जैसे संवेदनशील विषय पर पुलिस के इस रवैये को अत्यंत निंदनीय बताया है।

ग्रामीणों ने तत्काल उच्चाधिकारियों से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है दोनों पिकअप वाहनों (CG04PN6374 और CG04PH7882) को तत्काल जब्त कर गौ तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। मामले की उच्च-स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए। गौ तस्करी को कथित रूप से संरक्षण देने वाले सभी पुलिस कर्मचारियों और अधिकारियों को तुरंत निलंबित कर उन पर विभागीय कार्रवाई की जाए।

इस संवेदनशील मामले पर पुलिस विभाग के आला अधिकारियों से संपर्क करने की कोशिश की गई है, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या बयान सामने नहीं आया है। इस मामले पर आगे की कार्रवाई और पुलिस की प्रतिक्रिया पर हमारी नज़र लगातार बनी रहेगी।

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