सरसीवां – राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गौरवशाली शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में ‘विराट हिन्दू सम्मेलन समिति मंडल सरसीवां’ द्वारा भव्य कार्यक्रम संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अत्यंत भक्तिमय वातावरण में भारत माता एवं परम पूज्य गुरु घासीदास जी की आरती के साथ हुआ, जो सामाजिक समरसता और राष्ट्रभक्ति का अनूठा संगम रहा।
शताब्दी वर्ष और सनातन संस्कृति का उद्घोष
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता, अखिल भारतीय सह प्रचारक प्रमुख आदरणीय सुनील कुलकर्णी जी ने संघ के 100 वर्षों की राष्ट्र सेवा की गाथा प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि शताब्दी वर्ष का यह अवसर भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म के संदेश को विश्व पटल पर पुनः स्थापित करने का है।
प्रमुख उद्बोधन एवं चर्चा
मुख्य अतिथि: महंत राम कुमार दास जी महाराज (पथिक आश्रम पिपरडुला) ने ‘हिन्दू होने का गर्व’ विषय पर प्रकाश डालते हुए समाज को अपनी जड़ों की ओर लौटने का आह्वान किया।
पंच परिवर्तन: वक्ता शिवा कुमारी साहू ने सामाजिक सुधार हेतु ‘पंच परिवर्तन’ में महिलाओं की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया।
सामूहिक संकल्प: समिति के अध्यक्ष आदरणीय रमेश जालान ने उपस्थित जनसमूह को पंच परिवर्तन के पांचों आयामों पर चलने का संकल्प दिलाया।
मंच की गरिमा और सहभागिता
मंच पर समिति की उपाध्यक्ष पुष्पा दुबे एवं सतनामी समाज के प्रतिनिधि यादराम मल्होत्रा की विशेष उपस्थिति ने सामाजिक एकजुटता का संदेश दिया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन खंड कार्यवाह चिराग साहू ने किया और अंत में संयोजक नरोत्तम द्विवेदी ने सभी का आभार प्रकट किया।
हजारों की संख्या में उपस्थिति
सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित इस सम्मेलन में लगभग 1000 से अधिक की संख्या में मातृशक्ति, समाज के सज्जन वृंद एवं विभिन्न समाजों के प्रमुख उपस्थित रहे। आरती से शुरू हुआ यह कार्यक्रम राष्ट्रभक्ति के संकल्प के साथ सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।



