*एमसीबी से भगवान दास की रिपोर्ट*
एमसीबी/जिला प्रशासन एवं समग्र शिक्षा अभियान के निर्देशानुसार D ग्रेड प्राप्त विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार हेतु निरीक्षण एवं मार्गदर्शन का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में शासन की ओर से नियुक्त निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा ने प्राथमिक शाला केवटी एवं प्राथमिक शाला दहियाडांड का निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान निरीक्षक वीरेंद्र सिंह राणा ने विद्यालयों में विद्यार्थियों की पठन-पाठन की स्थिति, मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता तथा शिक्षकों द्वारा कराई जा रही पढ़ाई की जानकारी ली। साथ ही बच्चों से प्रत्यक्ष संवाद कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं एवं सुविधाओं को गंभीरता से समझा।
निरीक्षण के दौरान यह तथ्य सामने आया कि प्राथमिक शाला दहियाडांड तक पहुंचने के लिए लगभग 10 किलोमीटर का कच्चा एवं दुर्गम मार्ग तय करना पड़ता है। इस मार्ग की दयनीय स्थिति के कारण विद्यार्थियों, शिक्षकों और ग्रामीणों को प्रतिदिन भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
वीरेंद्र सिंह राणा ने इस अवसर पर कहा:
“यह सड़क अब तक कभी नहीं बनी। यदि यह पक्की सड़क बन जाती है, तो न केवल बच्चों का सुरक्षित विद्यालय जाना संभव होगा, बल्कि ग्रामीणों के जीवन और उनके दैनिक आवागमन में भी सहजता आएगी। यह कदम विद्यार्थियों और ग्रामीणों दोनों के हित में अत्यंत लाभकारी होगा।”
इस अवसर पर उन्होंने विद्यालय के शिक्षकों को शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, बच्चों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक नवाचारों को अपनाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उन्होंने आगे कहा
“जब शिक्षा की गुणवत्ता के साथ बुनियादी सुविधाएं सुदृढ़ हों, तभी सशक्त भविष्य का निर्माण संभव है।”



