Home Blog उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के...

उप मुख्यमंत्री शर्मा ने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ की चर्चा

0

Deputy Chief Minister Sharma held discussions with local representatives and community leaders regarding the development of the panchayats included under the Niyad Nella Nar scheme.

बस्तर के कोने कोने तक शांति और खुशहाली लाने शासन प्रतिबद्ध – उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा

Ro.No - 13672/156

उपमुख्यमंत्री ने बीजापुर के संवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंच कर इलवद पंचायत बनाने समाज प्रमुखों को किया प्रेरित

केतुलनार पेठा, मंगापेठा, रानी बोली, अंबेली और दरभा ग्राम हुए नक्सल मुक्ति के कगार पर

रायपुर / उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा आज बीजापुर जिले के अतिसंवेदनशील ग्राम कुटरू पहुंचे, जहां उन्होंने नियद नेल्ला नार के अन्तर्गत सम्मिलित पंचायतों के विकास हेतु स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं समाज प्रमुखों के साथ बैठक की। इस बैठक में बीजापुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायतों से आये ग्रामीण जनप्रतिनिधि एवं समाज प्रमुख गायता, सिरहा, पुजारी, बैगा आदि शामिल हुए।

इस दौरान उप उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सभी से मुलाकात कर उनका अभिवादन किया। उन्होंने सभी को संबोधित करते हुए कहा कि हिंसा के साथ विकास करना कभी भी संभव नहीं रहा है। आज बस्तर अंचल के कोने कोने में हर गांव में शांति और खुशहाली लाने के लिए शासन पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। बस्तर में शांति के लिए आवश्यक है कि माओवादी विचारधारा के प्रभाव में आकर भटके युवा वापस आये और पुनर्वास का रास्ता अपना कर ग्राम और देश के विकास में अपना योगदान दें।

उन्होंने आगे कहा कि शासन द्वारा बस्तर अंचल के सभी ग्रामों के विकास के लिए ग्राम स्तर पर विकास के मॉडल तैयार किए जा रहे हैं। जिसके तहत ग्राम की महिला समूहों और युवाओं को सक्षम बनाकर स्थानीय वनोपजों के प्रसंस्करण का कार्य गांव में किया जाएगा, जिससे ग्रामीण वनोपज संग्राहक से उत्पादक और उत्पादक से व्यवसायी बनेंगे और अपने उत्पादों का स्वयं प्रसंस्करण कर वनोपजों का उचित मूल्य भी प्राप्त करेंगे। गांवों के सर्वांगीण विकास के लिए नियद नेल्ला नार योजना शुरू की गई है, जहां स्थानीय कैम्प विकास का केंद्र बन गए हैं और गांव में विकास कार्यों को संचालित कर रहे हैं। इसके साथ ही गांव गांव में शासकीय योजनाओं की संतृप्तता का कार्य करते हुए हर योजना का लाभ प्रत्येक ग्रामीण को दिलाया जा रहा है।

उन्होंने समाज प्रमुखों से अपील की कि वे जंगलों में माओवादी गतिविधियों में सम्मिलित अपने ग्राम के युवाओं को समझाएं और पुनर्वास कराएं। ऐसे ग्राम जो अपने सभी सदस्यों को मुख्यधारा में लाकर ग्राम को सशस्त्र नक्सल हिंसा से मुक्त घोषित करेंगे, उन ग्रामों में इलवद पंचायत योजना के तहत 1 करोड़ रुपए की राशि अतिरिक्त विकास कार्यों के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। इस अवसर ग्राम पंचायत केतुलनार पेठा, मंगापेठा रानी बोली, अंबेली और दरभा जो नक्सल मुक्त होने के कगार पर है उन्हें नक्सल मुक्त होने का प्रस्ताव भेजने को कहा गया। ताकि इलवंद गांव‌ के रूप में उनका विकास किया जा सके।

बैठक में उपमुख्यमंत्री ने समाज प्रमुखों स्व उनके ग्रामों में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, आवास, रोजगार एवं आजीविका संवर्धन की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की, जिसमें ग्रामीणों ने बताया कि आज तक उनके ग्रामों में नक्सल गतिविधियों के कारण विकास नहीं पहुंच पाया था पर अब उनके ग्रामों तक सड़क, बिजली जैसी सुविधाएं मिलने लगी हैं, जिससे वे बहुत खुश हैं।

कार्यक्रम में बीजापुर की ग्रामीण महिला स्व सहायता समूहों द्वारा अपने उत्पादों की प्रदर्शनी भी लगाई थी। जिसका अवलोकन करते हुए उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने उनके खाद्य उत्पादों का भी स्वाद लिया और वनोपजों के बेहतर प्रसंस्करण और बाजार उपलब्धता पर चर्चा की। इस दौरान पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह एवं संचालक अश्विनी देवांगन, एडीजी नक्सल आपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी सुंदरराज पी, कलेक्टर श्री संबित मिश्रा, सीईओ जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, ग्रामों के समाज प्रमुख एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here