Chhattisgarh Tourism Board Chairperson Neelu Sharma held a review meeting to expedite the completion of the Bhoramdev Corridor project.
रायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेन्द्र शेखावत द्वारा 1 जनवरी को भोरमदेव कॉरिडोर का भूमिपूजन किया गया। स्वदेश दर्शन 2.0 के तहत 146 करोड़ की इस परियोजना की प्रगति पर आज छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड ने महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की। प्रबंध संचालक श्री विवेक आचार्य, अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा, उप महाप्रबंधक श्रीमती पूनम शर्मा एवं अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में भोरमदेव कॉरिडोर के कार्यों की प्रगति एवं रिपोर्ट का विश्लेषण हुआ। बैठक में परियोजना को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध रूप से पूरा करने हेतु स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए।
छत्तीसगढ़ पर्यटन बोर्ड के अध्यक्ष श्री नीलू शर्मा ने कहा कि ‘भोरमदेव कॉरिडोर‘ छत्तीसगढ़ की प्राचीन विरासत को आधुनिक पर्यटन केंद्र बनाने का सुनहरा अवसर है, गुणवत्ता और समयसीमा में कोई चूक बर्दाश्त नहीं होगी।
काशी विश्वनाथ कॉरिडोर की तर्ज पर विकसित हो रही योजना में मुख्य मंदिर, मड़वा-छेरकी महल, रामचुआ, सरोधा दादर शामिल हैं। 6 प्रवेश द्वार, पार्क, संग्रहालय, परिधि दीवारें, बाउंड्री साज-सज्जा, बोरवेल पेयजल, शेड, बिजली, ड्रेनेज, पौधरोपण व ऐतिहासिक तालाब का सौंदर्यीकरण होगा। वाटर ट्रीटमेंट, सफाई, हरित क्षेत्र, पैदल पथ व कांवड़ियों के लिए आधुनिक शेड बनेंगे। भोरमदेव कॉरिडोर के पूर्ण हो जाने पर धार्मिक-सांस्कृतिक पर्यटन को गति मिलेगी, स्थानीय युवाओं हेतु रोजगार सृजित होंगे तथा आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी। यह प्राचीन धरोहर को आधुनिक सुविधाओं से जोड़कर छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करेगा।



