Thanks to the Collector’s initiative, the Central Library has become a launchpad for the dreams of the district’s students.
उत्तर बस्तर कांकेर, 13 जनवरी 2026/ जिला प्रशासन की दूरदर्शी पहल के रूप में स्थापित निःशुल्क सेंट्रल लाईब्रेरी अपने सफल संचालन का एक वर्ष पूर्ण कर लिया है। आज यह पुस्तकालय जिले के विद्यार्थियों के लिए आशा, आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य का सशक्त प्रतीक बन चुका है। इस उपलब्धि पर विद्यार्थियों एवं अभिभावकों ने कलेक्टर श्री निलेश कुमार महादेव क्षीरसागर एवं जिला पंचायत सीईओ श्री हरेश मंडावी के प्रति आभार व्यक्त किया है, जिनके नेतृत्व, मार्गदर्शन और सतत प्रयासों से यह महत्वाकांक्षी संकल्प साकार हो सका।
उल्लेखनीय है कि कलेक्टर श्री क्षीरसागर ने इस भवन को विद्यार्थियों के हित में उपयोगी बनाने का संकल्प लिया। इसके पश्चात जिला पंचायत सीईओ श्री मंडावी के अथक प्रयास, सुव्यवस्थित योजना एवं प्रभावी प्रशासनिक समन्वय से भवन का कायाकल्प किया गया। आवश्यक मरम्मत, व्यवस्थित अध्ययन कक्ष, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, बैठने की सुविधाएँ एवं सकारात्मक शैक्षणिक वातावरण विकसित कर इसे एक आदर्श केंद्रीय पुस्तकालय का स्वरूप दिया गया। पुस्तकालय की शुरुआत में प्रतिदिन लगभग 200 विद्यार्थी अध्ययन हेतु यहाँ आते थे, जो आज बढ़कर प्रतिदिन पाँच बैंचों में लगभग 600 विद्यार्थियों तक पहुँच गई है। यह वृद्धि इस बात का प्रमाण है कि पुस्तकालय विद्यार्थियों की वास्तविक आवश्यकताओं को प्रभावी रूप से पूरा कर रहा है। वर्तमान में यह स्थान केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी, करियर गाइडेंस, विशेष कक्षाएं, मोटिवेशनल सेशन एवं विविध कार्यशालाओं का एक जीवंत केंद्र बन चुका है। यहाँ नियमित रूप से विशेषज्ञों द्वारा करियर मार्गदर्शन कक्षाएं आयोजित की जाती हैं, जिससे विद्यार्थियों को सही दिशा, रणनीति और आत्मविश्वास प्राप्त हो रहा है। पुस्तकालय के समर्पित एवं संवेदनशील स्टाफ द्वारा निरंतर प्रेरणा मिलने से विद्यार्थियों में अनुशासन, लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता और सकारात्मक सोच का विकास हो रहा है। ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के लिए यह पुस्तकालय किसी वरदान से कम नहीं है। निःशुल्क केंद्रीय पुस्तकालय से अध्ययन कर अब तक 87 से अधिक विद्यार्थियों का विभिन्न शासकीय सेवाओं में चयन हो चुका है, जो इसकी सफलता और प्रभावशीलता का प्रत्यक्ष प्रमाण है। अनेक विद्यार्थियों को पहली बार प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु उपयुक्त संसाधन एवं वातावरण यहीं उपलब्ध हुआ, जिससे वे अपने सपनों को साकार करने की दिशा में अग्रसर हो सके। इस उल्लेखनीय उपलब्धि को स्मरणीय बनाने हेतु 14 जनवरी को प्रातः 10 बजे, केंद्रीय पुस्तकालय में प्रथम वर्षगांठ कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। निःशुल्क केंद्रीय पुस्तकालय कांकेर न केवल ज्ञान का केंद्र बनकर उभरा है, बल्कि जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों के सपनों को साकार करने का एक सशक्त माध्यम भी सिद्ध हो रहा है। जिला प्रशासन की यह अभिनव पहल भविष्य में शिक्षा के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।



