Lormi police remain silent on serious allegations of molestation; the victim has not received justice.
मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
मुंगेली/लोरमी-/-जिला मुंगेली के लोरमी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक महिला के साथ सार्वजनिक स्थल पर हुई अश्लील छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर मामले में पुलिस की निष्क्रियता अब सवालों के घेरे में है।
पीड़िता पुनीता साहू पिता जगदेव साहू, निवासी ग्राम व पोस्ट गुंखनी, ने बताया कि दिनांक 17 जनवरी 2026 को मेले में वह अपनी बहन के बेटे के साथ चाऊमीन की दुकान लगाए हुए थी। इसी दौरान गुरुवीं डाबरी निवासी एक अज्ञात व्यक्ति उसके पास आया और जानबूझकर बदनाम करने की नीयत से उसके शरीर को अश्लील तरीके से छूने लगा।
पीड़िता के अनुसार जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि
👉“चन्द्रकली शिक्षा कर्मी ने मुझे भेजा है, तुम पैसे लेकर गलत काम करती हो”
इतना ही नहीं, आरोपी ने खुद को मुंगेली से आया पुलिस वाला बताते हुए धमकाने की भी कोशिश की। सार्वजनिक स्थल पर इस प्रकार चरित्र हनन और शीलभंग का प्रयास किया गया, जिससे पीड़िता को गहरा मानसिक आघात पहुंचा। छेड़छाड़ और धक्का-मुक्की के दौरान पीड़िता के दाहिने हाथ के पंजे में चोट भी आई।
👉 FIR के बावजूद कार्रवाई शून्य,
पीड़िता पुनीता साहू द्वारा लोरमी थाना में लिखित शिकायत दिए जाने के बावजूद आज तक न तो FIR दर्ज की गई और न ही आरोपी पर कोई कार्रवाई हुई है।
यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है—
क्या लोरमी पुलिस जानबूझकर आरोपी को बचाने का प्रयास कर रही है?
क्या महिला अपराधों को हल्के में लिया जा रहा है?
क्या आरोपी को किसी प्रभावशाली व्यक्ति का संरक्षण प्राप्त है?
👉 लोरमी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल,
एक ओर शासन महिला सुरक्षा को लेकर बड़े-बड़े दावे करता है, वहीं दूसरी ओर छेड़छाड़ जैसे गंभीर अपराध में पुलिस की चुप्पी कानून व्यवस्था पर करारा तमाचा है।
पीड़िता न्याय की गुहार लगा रही है, लेकिन पुलिस की निष्क्रियता यह दर्शाती है कि लोरमी थाना की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। अब देखने वाली बात यह होगी कि
जिला पुलिस अधीक्षक मुंगेली इस मामले में संज्ञान लेते हैं या नहीं,
और क्या पीड़िता को उसका संवैधानिक अधिकार – न्याय मिल पाएगा?



