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लोरमी के खेकतरा प्लाट में आदिवासी सम्मेलन व अमर शहीद वीर नारायण सिंह शहादत दिवस का भव्य आयोजन, हजारों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब

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A grand event was organized at Khekthara plot in Lormi, featuring a tribal conference and the commemoration of the martyrdom day of Amar Shaheed Veer Narayan Singh, drawing a massive crowd of thousands.

मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट

Ro.No - 13672/156

लोरमी/मुंगेली-।-जिला मुंगेली के लोरमी नगर स्थित खेकतरा प्लाट में आज आदिवासी सम्मेलन एवं अमर शहीद वीर नारायण सिंह शहादत दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में आदिवासी समाज की एकजुटता, संस्कृति और अधिकारों की बुलंद आवाज देखने को मिली।
कार्यक्रम में आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदरणीय विक्रांत भूरिया जी मुख्य रूप से शामिल हुए। उनके साथ पूर्व मंत्री आदरणीय प्रेमसाय टेकाम जी, भिलाई विधायक आदरणीय देवेंद्र यादव जी, जनक ध्रुव, भानुप्रताप सिंह, आदिवासी कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी आदरणीय नरेश राठौर जी सहित कई वरिष्ठ नेता मंचासीन रहे।
गाजे-बाजे व आदिवासी संस्कृति के साथ हुआ भव्य स्वागत
मुख्य अतिथियों का स्वागत आदिवासी संस्कृति, पारंपरिक वेशभूषा, गाजे-बाजे और नृत्य के साथ जगह-जगह बड़े उत्साह एवं धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम स्थल के पास से अतिथियों को पारंपरिक आदिवासी रीति-रिवाजों के साथ जुलूस के रूप में मंच तक लाया गया, जिससे पूरा क्षेत्र आदिवासी रंग में रंगा नजर आया।
बुढ़ादेव देवालय व वीर नारायण सिंह को दी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम की शुरुआत बुढ़ादेव देवालय एवं अमर शहीद वीर नारायण सिंह के चित्र पर पूजा-अर्चना एवं श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। वक्ताओं ने वीर नारायण सिंह के बलिदान को याद करते हुए उन्हें आदिवासी समाज ही नहीं बल्कि पूरे देश का गौरव बताया।
“एक तीर, एक कमान – सभी आदिवासी एक समान” का संदेश
सभा को संबोधित करते हुए आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष विक्रांत भूरिया जी ने कहा कि
“एक तीर, एक कमान – सभी आदिवासी एक समान हैं। आदिवासी देश के मूल निवासी हैं और समाज को अब एकजुट होकर अपने अधिकारों की रक्षा करनी होगी।”
उन्होंने आरोप लगाया कि
“जब से भाजपा की सरकार बनी है, तब से आदिवासी समाज के अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। जल, जंगल और जमीन को बेचा जा रहा है और आदिवासी समाज को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है।”
भूरिया जी ने कहा कि वे आदिवासी समाज के हर दुख-सुख में साथ खड़े हैं और उनके हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ी जाएगी।
नेताओं ने भी भाजपा सरकार पर साधा निशाना
पूर्व मंत्री प्रेमसाय टेकाम, विधायक देवेंद्र यादव जी सहित अन्य वक्ताओं ने भी केंद्र और राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आदिवासियों की जमीन, संसाधन और संस्कृति को बचाने के लिए संगठित संघर्ष की आवश्यकता है।
हजारों की संख्या में समाजजन रहे उपस्थित
इस कार्यक्रम में आदिवासी समाज से
रामजी ध्रुव, दयाराम ध्रुव, शशि सिंह, हंसिका कुजुर, संतोष पावले, शुभम पेंद्रो, कुलदीप ध्रुव, विष्णु धुर्वे, कृष्णा पुशाम, देवा मार्को, सूरज कोल, भुनेश्वर ध्रुव, शिवकुमार मरावी, रामनारायण ध्रुव, चंद्रु ध्रुव, राजू नेताम, रामेश्वर ध्रुव, संदीप मरावी, उगेश्वर ध्रुव, सोनी ध्रुव, भागवत ध्रुव, लालू ध्रुव, महेंद्र ध्रुव, बृजभूषण ध्रुव, अरविंद ध्रुव, रूप सिंह मरावी, मनोहर मरावी, इतवारी ध्रुव, महेश ध्रुव, भोला ध्रुव, सुनीता ध्रुव, सुनंदा ध्रुव, रानु मरावी, पुष्पा ध्रुव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एवं हजारों आदिवासी समाज के लोग उपस्थित रहे।
एकता और अधिकारों की लड़ाई का लिया संकल्प
कार्यक्रम के अंत में आदिवासी समाज को संगठित रहने, अपनी संस्कृति और अधिकारों की रक्षा करने तथा शहीदों के सपनों को साकार करने का संकल्प लिया गया।

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