नरहरपुर । शिक्षा के मंदिर में जब गुरु ही न हों, तो शिष्यों का भविष्य अंधकारमय नजर आने लगता है। कुछ ऐसा ही हाल नरहरपुर ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जामगांव का है। यहाँ छात्र स्कूल की दहलीज पर कदम तो रखते हैं, लेकिन कक्षाओं में पढ़ाई के बजाय वे स्कूल के खेल मैदान और बाहर घूमते नजर आते हैं।
*शिक्षकों की भारी कमी, भविष्य से खिलवाड़*
ग्रामीणों और छात्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल में शिक्षकों और प्राचार्यों की भारी कमी है। स्कूल में पर्याप्त सर और मैडम नहीं होने के कारण पढ़ाई पूरी तरह से ठप पड़ी है। छात्र स्कूल तो पहुँचते हैं, लेकिन क्लास रूम खाली होने की वजह से वे पूरे समय परिसर में इधर-उधर भटकते रहते हैं।
*शिकायत के बाद भी प्रभारी प्राचार्य मौन*
स्कूल की इस बदहाली को लेकर प्रभारी प्राचार्य सराधु राम मंडावी (शिक्षक) से कई बार शिकायत की जा चुकी है। आश्चर्य की बात यह है कि प्रभारी प्राचार्य की मौजूदगी के बावजूद स्कूल के अनुशासन और पढ़ाई के स्तर में रत्ती भर भी सुधार नहीं दिख रहा है। प्राचार्य की नाक के नीचे छात्र कक्षाओं को छोड़ मैदान में घूम रहे हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सुधारात्मक कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।
पढ़ाई नहीं होने के कारण पालकों और स्थानीय निवासियों में गहरा आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि शिक्षकों की कमी और प्रबंधन की लापरवाही के चलते बच्चों का कीमती समय बर्बाद हो रहा है। अगर जल्द ही स्कूल में नियमित शिक्षकों की नियुक्ति और अनुशासन की बहाली नहीं की गई, तो छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो जाएगा।
अब देखना यह है कि शिक्षा विभाग इस गंभीर लापरवाही पर क्या संज्ञान लेता है और जामगांव के छात्रों को उनका हक (शिक्षा) कब तक मिल पाता है।



