मुंगेली जिला से हरजीत भास्कर की रिपोर्ट
मुंगेली /- लोरमी विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत भालूखोंदरा में मां शाकम्भरी प्राकट्य उत्सव समारोह बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और ग्राम विकास को बढ़ावा देना रहा।
इस भव्य आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में लोरमी विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री अरुण साव उपस्थित रहे। वहीं कार्यक्रम की अध्यक्षता गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषण पटेल ने की। समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में कई जनप्रतिनिधि, समाजसेवी एवं प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा-अर्चना एवं मां शाकम्भरी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके पश्चात भजन-कीर्तन, धार्मिक अनुष्ठान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों एवं महिला मंडल की विशेष सहभागिता रही।
सभा को संबोधित करते हुए गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष विशेषण पटेल ने मां शाकम्भरी की महिमा, उनकी उत्पत्ति और समाज को दिए गए संदेशों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा कि मां शाकम्भरी को अन्न की देवी माना जाता है, जो मानव जीवन में समृद्धि, अन्न और कल्याण का प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ते हैं।
इसी दौरान कार्यक्रम के मुख्यअतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने ग्राम पंचायत भालूखोंदरा के विकास के लिए बड़ी घोषणा करते हुए बाउंड्री वॉल निर्माण हेतु 15 लाख रुपए देने की घोषणा की। साथ ही पटेल समाज के लिए समाज भवन निर्माण हेतु 10 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की, जिससे पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई।
मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम हमारी परंपरा और पहचान हैं। ऐसे आयोजनों से सामाजिक समरसता बढ़ती है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई दिशा मिलती है। उन्होंने सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार गांव, गरीब, किसान और युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने आयोजकों को सफल कार्यक्रम के लिए बधाई देते हुए कहा कि भालूखोंदरा जैसे गांवों में धार्मिक आयोजनों के साथ विकास कार्य भी निरंतर होते रहेंगे और शासन हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।
कार्यक्रम में ग्राम पंचायत भालूखोंदरा के सरपंच धनंजय माथुर, उपसरपंच परमानंद पटेल, पंचगण, सामाजिक कार्यकर्ता, पटेल समाज के पदाधिकारी, महिला समूह, युवा मंडल एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
अंत में ग्राम पंचायत एवं आयोजन समिति की ओर से अतिथियों का पुष्पगुच्छ, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। कार्यक्रम का समापन प्रसाद वितरण एवं सामूहिक भोज के साथ हुआ।
पूरे आयोजन में भक्तिमय वातावरण बना रहा और मां शाकम्भरी के जयकारों से पूरा ग्राम क्षेत्र गूंज उठा। यह आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक और विकासात्मक दृष्टि से भी ऐतिहासिक रहा।



