नरहरपुर । छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नरहरपुर स्थित विदेशी कम्पोजिट मदिरा दुकान में इन दिनों “मिलावट का खुला खेल” चल रहा है। आलम यह है कि बोतल की सील खोलने के लिए अब किसी मशक्कत की जरूरत नहीं पड़ती, क्योंकि शराब के क्वार्टर के ढक्कन पहले से ही खुले हुए मिल रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरल किए गए एक ताजा वीडियो ने आबकारी विभाग के दावों और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ग्रामीण जब शराब दुकान से ‘रॉयल स्टैग’ जैसे ब्रांड का क्वार्टर खरीदकर बाहर निकले और संदेह होने पर ढक्कन को छुआ, तो वह बिना किसी मेहनत के आसानी से खुल गया। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि दुकान के अंदर ही बोतलों से असली शराब निकालकर उसमें पानी मिलाया जा रहा है। यह सीधे तौर पर उपभोक्ताओं की जेब और सेहत दोनों के साथ सरेआम खिलवाड़ है।
हैरानी की बात यह है कि नरहरपुर भट्टी में मिलावट और ओवररेटिंग की यह कोई पहली शिकायत नहीं है। स्थानीय लोगों के अनुसार, पूर्व में भी कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें आबकारी विभाग के अधिकारियों से की जा चुकी हैं। लेकिन हर बार मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। प्रशासन की इस ‘रहस्यमयी खामोशी’ से अब यह चर्चा आम हो गई है कि क्या इस मिलावट के खेल को ऊंचे स्तर पर संरक्षण प्राप्त है ।
शराब में पानी की मिलावट सिर्फ आर्थिक धोखाधड़ी नहीं, बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी घातक हो सकती है। अगर कर्मचारी बाहर से पानी मिला रहे हैं, तो उस पानी की शुद्धता की क्या गारंटी है।
जनता में आक्रोशः जांच होगी या मामला रफा-दफा?
नरहरपुर के ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस भट्टी के स्टॉक की निष्पक्ष लैब जांच नहीं की गई और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो वे उग्र आंदोलन के लिए विवश होंगे। अब देखना यह है कि प्रशासनिक अधिकारी इस वीडियो पर क्या संज्ञान लेते हैं या फिर नरहरपुर में “पानी वाली शराब” का धंधा यूं ही बेधड़क चलता रहेगा।



