उत्तर बस्तर कांकेर, 18 मार्च 2026/ छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत जिला पंचायत कांकेर द्वारा जिले के विकासखण्ड मिशन कार्यालयों में विकासखण्ड परियोजना प्रबंधक एवं लेखापाल के रिक्त पदों पर संविदा भर्ती के लिए 07 अप्रैल सायं 05 बजे तक आवेदन आमंत्रित किया गया है। रिक्त पद पर एकमुश्त मासिक वेतन आधार पर नियुक्ति की जाएगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री हरेश मंडावी ने बताया कि आवेदन प्राप्त की कार्यवाही 17 मार्च से शुरू हो गई है तथा 07 अप्रैल सायं 05 बजे तक आवेदन स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन पत्र पंजीकृत डाक, स्पीड पोस्ट के माध्यम से मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत कांकेर को प्रेषि किया जा सकता है। इस संबंध में अधिक जानकारी के लिए कांकेर जिले के वेबसाइट ूूwww.kanker.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।
क्रमांक/276/सुरेन्द्र
*समाचार*
*एनएसएस शिविर का हुआ समापन, छात्रों को दी गई कृषि तकनीक की जानकारी*
उत्तर बस्तर कांकेर, 18 मार्च 2026/ रामप्रसाद पोटाई कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र सिंगारभाट द्वारा ग्राम व्यासकोंगेरा में आयोजित सात दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजनांतर्गत विशेष शिविर का सफलतापूर्वक समापन किया गया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर के अनुवांशिकी एवं पादप प्रजनन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. पी. के. जोशी विशेष रूप से उपस्थित हुए।
समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. पी. के. जोशी ने शिविर के स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि कृषि छात्रों के लिए ऐसे शिविर केवल सामाजिक सेवा का माध्यम नहीं हैं, बल्कि यह एक अवसर है जहां वे प्रयोगशाला की उन्नत कृषि तकनीकों और नवाचारों को सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचा सकते हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे ग्रामीणों के साथ कृषि के लाभ और आधुनिक पद्धतियों को अवश्य साझा करें। कृषि महाविद्यालयएवं अनुसंधान केन्द्र सिंगारभाट कांकेर के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. रस्तोगी ने कहा कि स्वयं सेवकों को ग्रामीण परिवेश में परिस्थितियों को समझने एवं नवाचार करने के विकल्पों को सिखने का अवसर प्राप्त हुआ है और उसे बखूबी निभाने का प्रयास किए जाएंगे। डॉ. प्रमोद कुमार नेताम ने सात दिवसीय शिविर की उपलब्धियों से अवगत कराया। शिविर में अलग-अलग जिले के छात्र-छात्राओं को ग्रामीण परिवेश की बारीकियों को प्रायोगिक रूप से सिखने प्रेरित किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने ग्राम विकास की दिशा में कई महत्वपूर्ण कार्य सामाजिक चेतना, नशा मुक्ति अभियान, स्वच्छता रैली और ग्रामीण समस्याओं के निराकरण हेतु घर-घर जाकर संवाद किया। पर्यावरण एवं जल संरक्षण बड़े स्तर पर पौध रोपण और जल संचयन के प्रति जागरूक होने की बात कही। कार्यक्रम में स्थानीय सरपंच, अधिष्ठाता, महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक सहित समस्त स्टॉफ उपस्थित रहे।
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